विधानसभा चुनाव की आचार संहिता लागू होने के बाद राशन कार्डों के कवर पृष्ठ का वितरण फंस गया है। कवर पर सीएम अखिलेश यादव की फोटो लगी है। अगर इनका वितरण होता है तो यह प्रचार की श्रेणी में आ जाएगा और इसे आचार संहिता का उल्लंघन माना जाएगा। ऐसे में कोटेदारों से कह दिया गया है कि राशन कार्ड के जितने कवर बचे रह गए हैं, अब उनका वितरण न किया जाए। इसके साथ ही अंत्योदय कार्डधारकों के लिए झोले बंटने के लिए आए थे लेकिन उन पर भी सीएम की तस्वीर थी, सो झोले अब कोटे की दुकानों में डंप पड़े हैं।
खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत जिले में नौ लाख 43 हजार कार्डधारक हैं। इसके अलावा 88 हजार अंत्यादेय कार्डधारक हैं। चुनाव की घोषणा से काफी दिनों पहले ही राशन कार्ड छपकर आए गए थे लेकिन उनका कवर नहीं छपा था, सो कई दिनों तक राशन कार्डों का वितरण रुका रहा। बाद में कवर भी छपकर आ गए। कवर पर सीएम अखिलेश यादव की तस्वीर है। अफसरों को निर्देश दिए गए थे कि किसी भी सूरत में 31 दिसंबर तक सभी कार्डों का कवर सहित वितरण करा दिया जाए। सबको मालूम था कि चुनाव की घोषणा होते ही आचार संहिता लागू हो जाएगी और कवर का वितरण खटाई में पड़ जाएगा।
ऐसा ही हुआ। सूत्रों के मुताबिक चुनाव की घोषणा होने तक 15 से 20 फीसदी तक कवर का वितरण नहीं हो सका था। आचार संहिता लागू होने के बाद कवर का वितरण रोक दिया गया है। सिर्फ राशन कार्ड बांटे जा रहे हैं। इसके साथ ही अंत्योदय कार्ड धारकों को बांटने के लिए तकरीबन 30 हजार झोले भी आए थे। झोले पर भी सीएम की तस्वीर छपी हुई थी। झोले बांटने के लिए कोटेदारों को दिए गए थे लेकिन चुनाव आचार संहिता लागू होने के बाद अब इनका वितरण भी रुक गया है।