फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Prayagraj : चंद्रशेखर आजाद के नाम पर हो सकता है रसूलाबाद घाट, पहले भी भेजा चुका है प्रस्ताव

Fri, 29 Nov 2024 06:16 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज

सार

मुगलकाल में ही रसूलाबाद मोहल्ले को बसाए जाने की बात कही जा रही है। इलाहाबाद विश्वविद्यालय के मध्य एवं आधुनिक इतिहास विभाग के पूर्व अध्यक्ष प्रोफेसर योगेश्वर तिवारी का कहना है कि अकबर काल में कई मोहल्ले बसाए गए थे। उसी समय का यह मोहल्ला है। इस मोहल्ले के नाम पर ही घाट का नाम पड़ा।
विज्ञापन
रसूलाबाद घाट। - फोटो : अमर उजाला।
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

रसूलाबाद घाट का नामकरण शहीद चंद्रशेखर आजाद के नाम पर हो सकता है। नगर निगम सदन में पूर्व में आए प्रस्ताव को ही आगे बढ़ाने की तैयारी है। जल्द ही इसकी प्रक्रिया पूरी की जाएगी। मुगलकाल में ही रसूलाबाद मोहल्ले को बसाए जाने की बात कही जा रही है। इलाहाबाद विश्वविद्यालय के मध्य एवं आधुनिक इतिहास विभाग के पूर्व अध्यक्ष प्रोफेसर योगेश्वर तिवारी का कहना है कि अकबर काल में कई मोहल्ले बसाए गए थे। उसी समय का यह मोहल्ला है। इस मोहल्ले के नाम पर ही घाट का नाम पड़ा।

विज्ञापन


हालांकि, अब घाट के नाम को बदले जाने की तैयारी है। बुधवार को प्रयागराज आए मुख्यमंत्री ने निरीक्षण के दौरान नगर विकास मंत्री अमृत अभिजात, मेलाधिकारी विजय किरन आनंद तथा अन्य अफसरों से रसूलाबाद घाट का नाम बदले जाने पर चर्चा की थी। इसी क्रम में नाम बदलने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। इसका नाम चंद्रशेखर घाट करने की भी तैयारी है। यहीं पर शहादत के बाद चंद्रशेखर आजाद को मुखाग्नि दी गई थी। इसलिए वहां चंद्रशेखर आजाद का समाधि स्थल एवं स्मारक बनाया गया है। इसलिए रसूलाबाद की जगह चंद्रशेखर आजाद घाट किए जाने की मांग लंबे से समय से की जा रही है।

पार्षद आनंद घिल्डियाल एवं पूर्व पार्षद मुकुंद तिवारी का कहना है कि नगर निगम सदन में इसका प्रस्ताव भी रखा गया था। आनंद घिल्डियाल का कहना है कि सदन में इसकी कई बार मांग उठ चुकी है। मुकुंद तिवारी का कहना है कि शासन को भी इसका प्रस्ताव भेजा गया था लेकिन बात आगे नहीं बढ़ी। हालांकि, नगर निगम प्रशासन अब इसी प्रस्ताव पर मुहर लगाने की तैयारी में है।

मेलाधिकारी विजय किरन आनंद का कहना है कि रसूलाबाद घाट का नाम बदलने का प्रस्ताव नगर निगम तैयार करेगा। वहीं नगर आयुक्त चंद्रमोहन गर्ग का कहना है कि रसूलाबाद घाट को चंद्रशेखर आजाद के नाम पर करने का प्रस्ताव पूर्व में आ चुका है। उस प्रस्ताव को देखा जा रहा है। जरूरी प्रक्रिया पूरी कर प्रस्ताव शासन को भेजा जाएगा। जरूरी हुआ तो नगर निगम सदन से मंजूरी ली जाएगी।
विज्ञापन

महाराजिन बुआ के नाम पर घाट के नामकरण की मांग

आमतौर पर महिलाओं के लिए निषिद्ध श्मशाट घाट पर अंत्येष्टि कर्म को अंगीकार करने वाली महाराजिन बुआ मृत्यु पर्यंत इस काम से जुड़ी रहीं। रसूलाबाद घाट पर आने वाले शवों का अंत्येष्टि कर्म उन्हीं की देखरेख में होता रहा। इस वजह से राष्ट्रीय स्तर पर चर्चित रहीं। महाराजिन बुआ के बेटे जगदीश त्रिपाठी ने उन्हीं के नाम पर घाट का नामकरण करने की मांग की है। घाट के पास महादेवी वर्मा साहित्य संसद भवन भी है। ऐसे में महादेवी वर्मा के नाम पर भी घाट किए जाने की मांग बीच-बीच में उठती रही है।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें