पूरी रात होनी-अनहोनी के तनाव के बीच झूलते अभिषेक सिंह के बाघम्बरी रोड स्थित घर की सुबह सुकून लेकर आई। चंद घंटे पहले अपहरणकर्ता के चंगुल से छूटा उनका छह साल का पुत्र रणवीर फिर पूरे घर में धमा-चौकड़ी मचाते घूमता रहा। सुबह से घर में पड़ोसियों एवं रिश्तेदारों की भीड़ भी लगी रही।
रात को हुई खौफनाक घटना की दहशत भले ही नन्हें रणवीर के चेहरे पर नहीं दिख रही थी लेकिन, घरवालों के जेहन से उस घटना का खौफ सुबह भी नहीं खत्म हो सका था। रणवीर बड़े भाई आयन के साथ खेल रहा था लेकिन, दूर बैठकर उसे निहारती मां अमिता की आंखें नम दिखीं। घर आए पड़ोसियों व रिश्तेदारों से बातचीत करते हुए वह ईश्वर को बार-बार धन्यवाद देतीं और इसी बीच बिलखने भी लग रही थीं। उधर निचले फ्लोर पर पिता अभिषेक मोहल्लेवासियों एवं रिश्तेदारों से घिरे रहे। हालांकि बातचीत में वह पुलिस की तारीफ करते नहीं थक रहे थे। उनका कहना था कि पुलिस की तेजी से ही उनका बच्चा उनके पास है।
पोते के सलामत घर लौट आने पर बिजली विभाग से रिटायर्ड उसके बाबा उदयवीर सुबह हनुमान मंदिर गए और दर्शन किया। घर में हर आने-जाने वाले को प्रसाद भी खिलाया। पोते को देखकर उनकी आंखें भी नम हो जा रहीं थीं। रिश्तेदारों एवं पड़ोसियों के घर आने का सिलसिला दोपहर के बाद भी जारी रहा। शाम को रणवीर का बर्थ डे भी धूमधाम से मनाया गया।
इसके पहले कागजी औपचारिकताएं पूरी होने के बाद भोर करीब चार बजे रणवीर अपने पिता अभिषेक के साथ अल्लापुर के बाघम्बरी रोड स्थित अपने घर पहुंचा। वहां सभी उसका बड़ी बेसब्री से इंतजार ही कर रहे थे। आधी रात के बाद काफी थके होने से रणवीर को एक घर में सुला दिया गया था। इसके बाद पूरा रास्ता भी उसने सोते हुए ही पूरा किया लेकिन घर पहुंचते ही वह नींद से जाग गया। घर पहुंचते ही मां अमिता ने उसे अपने सीने से लिपटा लिया।