ठेकेदार के बेटे को अगवा किए जाने के आरोपी संजय यादव का शव पोस्टमार्टम के बाद कटका स्थित घर पहुंचा तो वहां कोहराम मच गया। परिजनों का आरोप है कि हत्या की गई है। मारने के बाद शव भदोही के सुरियांवा इलाके में पहुंचा दिया गया। देर शाम को शव को अंतिम संस्कार झूंसी के श्मशान घाट पर किया गया। इस दौरान भारी संख्या में ग्रामीण जुटे रहे।
पुलिस का कहना है कि पकड़े जाने के डर से आरोपी संजय ने खुद को गोली मार ली। इसके उलट परिजनों ने उसकी हत्या करने का आरोप लगाया है। तीन भाइयों और दो बहनों में बड़े संजय के पिता दयाराम का आरोप है कि बेटे को बेरहमी से मारा गया।
बकुछ साजिश के तहत किया गया है। उनका कहना था कि अगर संजय ने ठेकेदार के बेटे का अपहरण किया होता, तो वह मोबाइल खोलकर अपनी लोकेशन पुलिस को क्यों देता। शाम को भदोही से पोस्टमार्टम के बाद संजय का शव उसके गांव कटका पहुंचा तो कोहराम मच गया। परिजन उसके शव से लिपटकर जार-जार रोए। मौके पर ग्रामीण भी भारी संख्या में जुटे रहे। देर शाम को शव का अंतिम संस्कार झूंसी के श्मशान घाट पर किया गया।
संजय के परिजनों ने ठेकेदार पर गंभीर आरोप लगाए। कहा कि चार दिन पहले संजय को फोन पर जान से मारने की धमकी दी गई थी। कहा गया था कि अगर वह शहर में कहीं भी दिखाई दिया तो उसे गोली मार दी जाएगी। हालांकि किस बात को लेकर संजय को धमकी दी गई थी, यह परिजन स्पष्ट नहीं कर सके।