नौ पेंशनर्स में सात महिलाएं
100 से अधिक उम्र के नौ पेंशनर्स में से सात महिलाएं हैं। इनमें से ज्यादातर को फेमिली पेंशन मिल रही है। सबसे अधिक उम्र की पेंशनर भी 106 वर्ष की शांति घोष हैं। इनके अलावा राजकली, रमाकांत तिवारी, सावित्री देवी शुक्ला, कांति उपाध्याय, भगवती देवी, असगरी बेगम, रानी देवी और रामदेव मिश्रा हैं, जिनकी उम्र 100 वर्ष से अधिक है।
100 वर्ष की आयु में दोगुनी हो जाती है पेंशन
100 वर्ष की आयु में पेंशन दोगुनी हो जाती है। यानी, वेतन से कहीं अधिक पेंशन बनने लगती है। वर्तमान में न्यूनतम बेसिक पेंशन 9000 रुपये है। इस पर महंगाई राहत (डीआर) मिलता है। पेंशन आखिरी वेतन की 50 फीसदी मिलती है, जिसमें 80 वर्ष की उम्र में 20 प्रतिशत की बढ़ोतरी होती है। इसके बाद 85 वर्ष में 30 प्रतिशत, 90 की उम्र में 40 तथा 95 साल की उम्र में पेंशन में 50 फीसदी की बढ़ोतरी की जाती है। इसके बाद 100 वर्ष की आयु पूरी होने पर पेंशन में 100 फीसदी की बढ़ोतरी हो जाती है।