संतों की अगुवाई में रामालय ट्रस्ट ही अयोध्या में राम जन्मभूमि स्थल पर भगवान राम के बाल स्वरूप का मंदिर निर्माण करेगा। राम मंदिर की लड़ाई लड़ी है तो मंदिर भी बनाएंगे। कंबोडिया के अंकोरवाट मंदिर की तर्ज पर बनने वाले मंदिर के गर्भगृह में माता कौशल्या की गोद में विराजे राम की प्रतिमा स्थापित की जाएगी।
ज्योतिष एवं द्वारकाशारदा पीठाधीश्वर शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती ने रविवार को इलाहाबाद पहुंचने पर अमर उजाला से बातचीत में कहा, भगवान हिंदुओं की आस्था के प्रतीक हैं। केंद्र सरकार, भाजपा और आरएसएस राम मंदिर नहीं बना सकते हैं। भाजपा राजनीतिक दल है और आरएसएस सामाजिक संस्था है, जिसे राम मंदिर से कोई लेना देना नहीं है। मंदिर तो रामालय ट्रस्ट ही बनाएगा। इसके लिए पूर्व प्रधानमंत्री नरसिंहा राव के कार्यकाल से प्रयास जारी है। रामालय ट्रस्ट की वरिष्ठ अधिवक्ता रंजना अग्निहोत्री के तर्कों को सर्वोच्च न्यायालय ने भी स्वीकार किया है। रामजन्म स्थल पर न मस्जिद थी और न बाबर ही आया।