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राम मंदिर निर्माणः राजस्थान ही नहीं यहां के पत्थर भी बनेेंगे मंदिर का आधार

Mon, 11 Nov 2019 11:34 AM IST
इलाहाबाद ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रयागराज
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राम मंदिर - फोटो : सांकेतिक फोटो
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रामजन्मभूमि विवाद पर सुप्रीम कोर्ट की संविधान पीठ के फैसले के बाद मंदिर निर्माण की तैयारियां तेजी के साथ शुरू हो चुकी हैं। अब विश्व हिंदू परिषद (विहिप) की आेर से राम मंदिर निर्माण के लिए प्रयागराज के शंकरगढ़ क्षेत्र से पत्थरों की खेेप को अयोध्या पहुंचाने का कार्य शुरू कर दिया गया है।
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दरअसल, रामजन्म भूमि मंदिर न्यास की आेर से अयोध्या में मंदिर निर्माण के लिए पत्थरों को तराशने का कार्य पिछले कई सालों से चल रहा है। जानकारी के मुताबिक, मंदिर निर्माण में लगने वाले तकरीबन 70 फीसदी पत्थर को अंतिम रूप देने का काम भी पूरा हो चुका है। हालांकि, सबसे अधिक पत्थर राजस्थान से ही मंगाए गए हैं।

विहिप के केंद्रीय संत संपर्क प्रमुख अशोक तिवारी बताते हैं कि राजस्थान से जो भी पत्थर अयोध्या लाए गए हैं, उनकी खासियत यह है कि इनका क्षरण बेहद कम होता है। हालांकि वहां खनन पर रोक लगने के बाद अन्य विकल्पों पर विचार किया गया है। इसमें शंकरगढ़ और मिर्जापुर के लाल बलुआ पत्थर को उपयोग के लिए मंगाने पर मंथन किया जा रहा है।
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शंकरगढ़ के पत्थर से ही बना है अकबर का किला
बता दें कि शंकरगढ़ के पत्थर भी गुणवत्ता में काफी अच्छे होते हैं। पहले भी कई एतिहासिक इमारतों मसलन, संगम तट पर स्थित अकबर के किले के निर्माण में भी यहां के पत्थरों का उपयोग हुआ है।  
हर वर्ष यमुना में आने वाली बाढ़ के दौरान किले की एक चौथाई से ज्यादा दीवार पानी में ही डूब जाती है, लेकिन किसी तरह का नुकसान नहीं होता है।
 
इसके अलावा शंकरगढ़ स्थित गढ़वा के किले में भी इन्हीं पत्थरों का उपयोग किया गया है। मौर्योत्तर काल के उपरांत तीसरी शताब्दी ईस्वी में अस्तित्व में आए तीन राजवंशों में से एक गुप्त वंश में बने इस किले को भी शंकरगढ़ केे ही उन्नत पत्थरों से ही बनाया गया है। यह किला भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण विभाग द्वारा संरक्षित है।
 
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