दिनचर्या ठीक होने से ही सही होंगे कार्य- रामभद्राचार्य
जगद्गुरु रामभद्राचार्य ने आज की कथा में कहा कि आज के परिवेश में लोगों की दिनचर्या काफी बिगड़ चुकी है। जिसके कारण कई तरह की परेसानी भी लोगों को घेर रखी है। हर व्यक्ति को अपनी दिनचर्या का विशेष ध्यान रखना चाहिए। जिसकी दिनचर्या ठीक नहीं होगी, उसका कोई भी कार्य ठीक नहीं हो सकता। इस दौरान उन्होंने भगवान राम के बाल्याकाल की लीलाओं का भी वर्णन किया। मेजारोड में चौथे दिन पद्मविभूषण रामभद्राचार्य ने भगवान श्रीराम के वाल्यकाल का बखान करते हुए कहा कि करतल बान धनुष अति सोहा, देखत रूप चराचर मोहा।