बाजारों में देर रात तक बिकीं राखियां
रक्षा बंधन की पूर्व संध्या पर देर रात तक सिविल लाइंस, कटरा, राजरूपपुर, धूमनगंज, टैगोर टाउन, मुट्ठीगंज, कीडगंज, चौक, जानसेनगंज, हिम्मतगंज, मुंडेरा, फाफामऊ, झूंसी, नैनी, मम्फोर्डगंज, अल्लापुर, दारागंज, अलोपीबाग, रामबाग, बाईकाबाग आदि इलाकों में राखियों की खरीदारी हुई। पांच रुपये से लेकर पांच सौ रुपये तक की राखियां बाजारों में उपलब्ध रही। चंदन, चांदी और स्वर्ण जड़ित राखियों के अलावा ज्वेलरी की दुकानों पर चांदी और सोने के ब्रेसलेट की भी खरीदारी की गई। पिछले साल क अपेक्षा इस साल राखी के दामों में पांच से सात फीसदी की वृद्धि देखी गई।
मिठाई के दुकानों पर जमकर खरीदारी
रक्षा बंधन के चलते शहर के सिविल लाइंस, जानसेनगंज, चौक, कटरा, मुट्ठीगंज, राजरूपपुर, धूमनगंज आदि इलाकों में मिठाई की दुकानों पर भारी भीड़ रही। शनिवार को दोपहर तक मिठाई और राखियों के साथ उपहार के सामानों की बिक्री होती रही।
कैबिनेट मंत्री नंद गोपाल गुप्ता नंदी ने महिला सिपाहियों से राखी बंधवाई।
- फोटो : अमर उजाला।
मंत्री नंदी ने महिला सिपाहियों से बंधवाई राखी
कैबिनेट मंत्री नंद गोपाल गुप्ता नंदी ने महिला सिपाहियों से राखी बंधवाई। पुलिस कमिश्नर आफिस में आयोजित कार्यक्रम में बड़ी संख्या में महिला पुलिसकर्मियों ने नंदी को राखी बांधी और रोली चंदन का तिलक लगाया। नंदी की ओर से सभी को उपहार प्रदान किए गए।
रक्षाबंधन पर्व पर जिला कारागार और केंद्रीय कारागार नैनी में बंद बंदियों से उनके भाईयों की मुलाकात के लिए विशेष प्रबंध किया गया था। सुबह नौ बजे बहनों की मुलाकात शुरू कर दी गई, जो शाम पांच बजे तक चलती रही। जिन बहनों को मुलाकात पर्ची नहीं बनी थी, उनकी एप्लीकेशन लेकर उनकी मुलाकात कराई गई। वहीं जिला जेल की महिला बैरक में बंद महिला बंदियों से उनके भाई राखी बंधवाने पहुंचे।
जिला कारागार में सात सिफ्ट में 1045 बहनें और उनके सज्ञथ 380 बच्चें वहां बंद बंदियों से मिलने पहुंचे थे। जेल प्रशासन द्वारा बहनों को रक्षा सूत्र, रोली, मिष्ठान भी उपलब्ध कराया गया। परिसर के अंदर बने हॉल में शनिवार को बहनों की उनके भाईयों से मुलाकात कराई गई। साथ ही महिला जेल में बंद महिला बंदियों के बच्चों केा जेल प्रशासन की ओर से उपहार दिया गया। इसी क्रम में जिला कारागार में बंद चार बहनों और उनके सात भाईयों की जेल प्रशासन ने मुलाकात कराते हुए रक्षाबंधन पर्व मनवाया।
मुलाकात करने आने वाली बहनों के लिए केंद्रीय कारागार नैनी के बाहर टेंट और कुर्सियों को इंतजाम किया गया था। केंद्रीय कारागार में 339 महिलाएं और 82 बच्चे मुलाकात करने पहुंचे थे। इस मौके पर वरिष्ठ जेल अधीक्षक अमिता दुबे, वरिष्ठ जेल अधीक्षक विजय विक्रम सिंह, जेलर शैलेंद्र प्रताप सिंह, जेलर आलोक कुमार, उप जेलर सौरभ सिंह यादव, उप जेलर सिमरन सोनी, विजय प्रसाद, उमर सिंह, सुशीला देवी, सुलेखा पाल सहित कारागार से जुड़े बंदी रक्षक व कर्मचारी मौजूद रहे।