रक्षाबंधन का पर्व शनिवार को ग्रह-नक्षत्रों के विशेष संयोग में मनाया जाएगा। गऊघाट स्थित दक्षिणमुखी हनुमान मंदिर के पुजारी और ज्योतिष शास्त्री पंडित राजेंद्र त्रिपाठी ''मधुकर'' के मुताबिक 34 साल बाद बाद रक्षाबंधन का त्योहार बेहद विशेष होगा।
रक्षाबंधन का पर्व शनिवार को ग्रह-नक्षत्रों के विशेष संयोग में मनाया जाएगा। गऊघाट स्थित दक्षिणमुखी हनुमान मंदिर के पुजारी और ज्योतिष शास्त्री पंडित राजेंद्र त्रिपाठी ''मधुकर'' के मुताबिक 34 साल बाद बाद रक्षाबंधन का त्योहार बेहद विशेष होगा। इस बार श्रवण नक्षत्र में सौभाग्य योग, आयुष्मान योग, आनंद योग और सर्वार्थ सिद्धि योग एक साथ होगा। श्रवण नक्षत्र शुक्रवार दोपहर 3:11 बजे से शनिवार दोपहर 3:34 बजे तक रहेगा।
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इस दौरान शुक्रवार दोपहर 1:45 बजे से शनिवार दोपहर 1:28 बजे तक आनंद योग रहेगा। सौभाग्य और आयुष्मान योग शुक्रवार सुबह 7:05 बजे से शनिवार सुबह 6:05 बजे तक रहेगा। लेकिन उदया तिथि में रहने की वजह से दिन भर इसका असर रहेगा। इसके साथ ही सर्वार्थ सिद्धि योग भी शुक्रवार दोपहर 3:11 बजे से शनिवार दोपहर 3:34 तक रहेगा। रक्षाबंधन के दिन दोपहर 3:35 बजे के बाद शिलान्यास का भी अच्छा मुहूर्त है।
गोपाल जी मालवीय ने बताया कि रक्षाबंधन का अभिजीत मुहूर्त शनिवार सुबह 11 बजकर 43 मिनट से शनिवार दोपहर 12 बजकर 35 मिनट तक रहेगा। पंचांग के अनुसार इस साल रक्षाबंधन के दिन बहनें अपने भाईयों के कलाई में भद्रा की बाधा के बिना राखी बांध सकती हैं। गौरतलब है कि इस बार भद्रा काल सावन की पूर्णिमा तिथि लगने के बाद शुक्रवार दोपहर 1:45 बजे से शुक्रवार रात 1:36 तक रहा।