फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Allahabad University :  जीएन झा हॉस्टल के दो कमरों के उखाड़े दरवाजे, बिजली काटी

Fri, 08 Aug 2025 10:29 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज

सार

इलाहाबाद विश्वविद्यालय (इविवि) में एएन झा हॉस्टल में रह रहे 40 शोधार्थियों को जीएन हॉस्टल में शिफ्ट करते हुए शुक्रवार को उन्हें कमरों पर कब्जा दिला दिया गया। इस दौरान विश्वविद्यालय की टीम ने दो कमरों के दरवाजे उखाड़ लिए और उनकी बिजली काट दी।
विज्ञापन
इलाहाबाद विश्वविद्यालय, (AU) - फोटो : X(@UoA_Official)
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

इलाहाबाद विश्वविद्यालय (इविवि) में एएन झा हॉस्टल में रह रहे 40 शोधार्थियों को जीएन हॉस्टल में शिफ्ट करते हुए शुक्रवार को उन्हें कमरों पर कब्जा दिला दिया गया। इस दौरान विश्वविद्यालय की टीम ने दो कमरों के दरवाजे उखाड़ लिए और उनकी बिजली काट दी। अवैध कब्जा करने वालों के भय से अन्य छात्र इन दोनों कमरों में रहने को तैयार नहीं थे।

विज्ञापन


इविवि के एएन झॉ हॉस्टल में शोधार्थी रहते हैं। हॉस्टल की छत काफी जर्जर हो चुकी चुकी है और वहां मरम्मत कराई जानी है। ऐसे में हॉस्टल में रहने वाले शोधार्थियों को अन्य हॉस्टलों में शिफ्ट किया जा रहा है। हॉस्टल की मरम्मत का कार्य पूरा होने के बाद शोधार्थी वापस एएन झा हॉस्टल में आ जाएंगे। जीएन झा हॉस्टल में कुल 55 शोधार्थियों को शिफ्ट किया जाना था।

इविवि के चीफ प्रॉक्टर प्रो. राकेश सिंह ने बताया कि 15 शोधार्थियों की फीस जमा नहीं थी, सो उन्हें बाद में कब्जा दिलाया जाएगा। बाकी 40 शोधार्थियों को जीएन झा हॉस्टल में शिफ्ट करते हुए कमरों में कब्जा दिला दिया गया है। उन्होंने बताया कि कमरा नंबर 22 व 133 पर काफी दिनों से अवैध कब्जा था और कोई छात्र इन दोनों कमरों में रहने को तैयार नहीं था। हालांकि, वर्तमान में इन दोनों कमरों में कोई रहता नहीं था।
विज्ञापन


छात्रों का कहना था कि जब वे इस कमरे में रहेंगे तो अवैध कब्जा करने वापस आकर डराए-धमकाएंगे। यहां तक कि उन पर हमला भी हो सकता है। ऐसे में विश्वविद्यालय प्रशासन ने दोनाें कमरों के दरवाजे उखाड़कर अलग रखवा दिए और इन कमरों की बिजली भी काट दी गई ताकि अवैध कब्जा न हो। चीफ प्रॉक्टर ने बताया कि इन कमरों में मरम्मत कराकर नए सत्र में इन्हें आवंटित किया जाएगा।

छात्रों ने कार्रवाई पर उठाए सवाल

समाजवादी छात्रसभा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष व छात्र नेता अजय यादव सम्राट ने दावा किया है कि इविवि प्रशासन ने पूर्व में कमरा नंबर-133 को अधिकृत रूप से सील कर दिया था और कमरा नंबर-22 एक छात्र को आवंटित हो चुका था जिसमें उसका सामान रखा था। छात्र की अनुपस्थिति में उसके कमरे से सामान बाहर निकालकर अस्त-व्यस्त कर दिया गया। साथ ही दोनाें कमराें के दरवाजे तोड़कर विश्वविद्यालय को आर्थिक क्षति पहुंचाई गई। यह स्पष्ट किया जाए कि किसके आदेश पर ऐसा किया गया।

विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें