एक दिन के लिए बाजार खुलते ही राखियों की एक से बढ़कर एक डिजाइन छा गई। खासतौर से म्यूजिकल राखियां इस रक्षाबंधन को चटख बनाएंगी। भाइयों की कलाई पर इस बार रामलला के भूमि पूजन पर आधारित ‘जय श्रीराम’ राखी, आवाज के साथ राफेल लड़ाकू विमान, जयहिंद, कारगिल विजय समेत एक से एक राखियां रक्षाबंधन की शोभा बनेंगी।
चौक के थोक राखी कारोबारी कादिर भाई बताते हैं कि इस बार अयोध्या और डोकलाम विवाद राखियों में छाया हुआ है। जयश्री राम, रामलला हम आएंगे ... व राजा रामचंद्र की जय.. का लाइट के साथ संगीतमय उद्घोष करने वाली राखियां सबसे अधिक पसंद की गईं। इसके बाद राफेल, जयहिंद और देश प्रेम पर आधारित अन्य राखियों की मांग रही। बच्चों ने मोटू-पतलू व डोरेमान वाली राखियां भी खूब खरीदीं।
हालांकि कोरोना संक्रमण की वजह से इस बार राखी के पर्व का रंग फीका जरूर हुआ है, लेकिन बहनें अपने भाइयों की कलाइयां देश प्रेम और भक्तिभाव के रंगों वाली राखियों से सजाने के लिए तैयार हैं।
उधर, ज्योतिषाचार्य पं ब्रजेंद्र मिश्र का कहना है कि रक्षाबंधन पर इस बार गुरु के साथ शनि वक्री रहेंगे। ऐसे में राखी बांधते समय बहनों को कुछ बातों का ख्याल रखना चाहिए। उनका कहना है कि टूटी या खंडित हुई राखियां हरगिज नहीं बांधनी चाहिए। टूटी हुई राखी को जोड़कर या ठीक करके भी नहीं बांधना चाहिए। इसके अलावा भाई की कलाई पर काले रंग के धागे या मोतियों वाली राखी भी नहीं बांधनी चाहिए।लोहे के तार से बनी राखियों से भी परहेज करने की सलाह दी है।