तीन अगस्त की सुबह 7:19 बजे से श्रवण नक्षत्र आरंभ हो जाएगा। भद्राकाल की समाप्ति सुबह 9:26 बजे होगी। इसके बाद श्रवण नक्षत्र से युक्त परमपुण्य प्रदायिनी श्रावणी आरंभ हो जाएगी। इसी के साथ ब्राह्मण मनसा, वाचा, कर्मणा से जाने अनजाने में किए गए पाप कमों से मुक्ति के लिए श्रावणी उपाकर्म का अनुष्ठान नदी तटों व जलाशयों पर करेंगे।
ज्योतिषाचार्य पं ब्रजेंद्र मिश्र के अनुसार श्रवण नक्षत्र में रक्षाबंधन इस बार हर किसी के लिए शुभ है। आयुष्मान योग सुबह 6:38 बजे से ही आरंभ हो जाएगा। इसके बाद प्रीति योग लग जाएगा। आयुष्मान और प्रीति योग दोनों साथ पड़ने से इस रक्षबंधन पर खुशहाली, समृद्धि और सौभाग्य के योग बनेंगे। भद्राकाल समाप्त होने के बाद रक्षाबंधन सुबह 9:26 बजे से आरंभ हो जाएगा। सूर्यास्त तक रक्षाबंधन का मुहूर्त है। ऐसे में बहनें अपने भाइयों की कलाई पर दिन भर राखी बांध सकेंगी। भाई-बहन के पवित्र रिश्ते के प्रतीक पर्व रक्षाबंधन का हर किसी को इंतजार है।
रक्षाबंधन का मुहूर्त
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सुबह 09:27 से सूर्यास्त तक