शासन ने निर्देश जारी किए हैं कि यूजीसी की गाइडलाइन के तहत 30 सितंबर तक अंतिम वर्ष एवं अंतिम सेमेस्टर की ऑनलाइन या ऑफलाइन परीक्षाएं आयोजित करा ली जाएं। शासन से पत्र जारी होने के बाद प्रो. राजेंद्र सिंह (रज्जू भइया) राज्य विश्वविद्यालय में परीक्षाओं को लेकर तैयारियां तेज कर दी गई हैं। इन परीक्षाओं में राविवि और मंडल में इसके संघटक महाविद्यालयों के दो लाख छात्र-छात्राएं शामिल होंगे।
राविवि के लिए परीक्षा कराने में सबसे बड़ी चुनौती सोशल डिस्टेंसिंग है। इसका उपाय भी किया जा रहा है। पिछले साल के मुकाबले इस बार परीक्षा केंद्रों की संख्या अधिक होगी। राविवि के प्रयागराज, फतेहपुर, कौशाम्बी एवं प्रतापगढ़ में छह सौ से अधिक से संघटक महाविद्यालय हैं, जहां तकरीबन साढ़े चार लाख छात्र-छात्राएं पढ़ते हैं।
इनमें से तकरीबन दो लाख छात्र-छात्राएं स्नातक अंतिम वर्ष एवं परास्नातक अंतिम सेमेस्टर के विद्यार्थी है। स्नातक अंतिम वर्ष के विद्यार्थियों की संख्या एक लाख 25 हजार के आसपास है और परास्नातक अंतिम सेमेस्टर के विद्यार्थियों की संख्या 75 हजार के आसपास है। परीक्षा कराए जाने संबंधी शासन की ओर से जारी पत्र विवि प्रशासन को मिल चुका है और विवि प्रशासन ने परीक्षा को लेकर तैयारियां शुरू कर दी हैं।
ढाई लाख विद्यार्थी किए जाएंगे प्रमोट
राविवि में स्नातक प्रथम वर्ष, द्वितीय वर्ष एवं परास्नातक प्रथम वर्ष के तकरीबन ढाई लाख छात्र-छात्राएं है। शासन के निर्देश के अनुसार अब इन सभी विद्यार्थियों को बिना परीक्षा प्रमोट किया जाएगा।
17 जून 2016 को इलाहाबाद में स्थापित किया गया
प्रो राजेन्द्र सिंह (रज्जू भैया) विश्वविद्यालय, पूर्ववर्ती इलाहाबाद राज्य विश्वविद्यालय, उत्तर प्रदेश सरकार द्वार 17 जून 2016 को इलाहाबाद में स्थापित किया गया था। इस विश्वविद्यालय के प्रथम सत्र का प्रारम्भ 2016-17 मे इलाहाबाद, कौशाम्बी, फतेहपुर और प्रतापगढ़ के 562 सम्बद्ध कॉलेजों में हुआ। इलाहाबाद, कौशाम्बी, फतेहपुर और प्रतापगढ़ के वे कालेज जो पूर्व मे छत्रपति शाहूजी महाराज विश्वविद्यालय, कानपुर तथा डॉ राम मनोहर लोहिया अवध विश्वविद्यालय, फैजाबाद से संबद्ध थे अब इस नए स्थापित इलाहाबाद राज्य विश्वविद्यालय के अंतर्गत आ गए है।