छात्र रजनीकांत की आत्महत्या का मामला तेजी से गरमाता जा रहा है। इस मामले में शनिवार को एनएसयूआई के छात्रों ने इलाहाबाद विश्वविद्यालय (इविवि) का पुतला फूंका तो रजनीकांत को न्याय दिलाने की मांग को लेकर एबीवीपी के छात्र आमरण अनशन पर बैठ गए। अनशन पर बैठे एबीवीपी से जुड़े छात्रसंघ के महामंत्री शिवम सिंह ने इस माहौल में छात्रसंघ वार्षिकोत्सव के आयोजन और इसमें अखिलेश यादव के आने के कार्यक्रम का भी विरोध किया है।
एनएसयूआई से जुड़े छात्रसंघ उपाध्यक्ष अखिलेश यादव के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने इविवि का पुतला कुलपति का पुतला फूंका। कार्यकर्ताओं ने हॉस्टल न मिलने से हताश छात्र रजनीकांत की आत्महत्या के लिए कुलपति को जिम्मेदार ठहराया। साथ ही मानव संसाधन विकास मंत्रालय से उनके खिलाफ कार्रवाई की मांग की। छात्रों ने आरोप लगाया कि कुलपति की असंवेदनशीलता के कारण छात्रों से जुड़ी कई समस्याओं का समाधान नहीं हो पा रहा है। उपाध्यक्ष अखिलेश यादव ने कहा कि छात्रों के विभिन्न मुद्दों पर इविवि प्रशासन जल्द ही कोई सकारात्मक कदम नहीं उठाता है तो उग्र आंदोलन होगा। पुतला फूंकने वालों में अक्षय भारती, अजय पांडेय, शशांक, सत्यम, निशांत, संदीप आदि शामिल रहे।
उधर, छात्र रजनीकांत को न्याय दिलाने के लिए छात्रसंघ महामंत्री शिवम सिंह समेत कुंवर विक्रम सिंह, सौरभ सिंह बंटी, शिवम तिवारी, आदर्श मोहन पांडेय ने छात्रसंघ भवन पर शनिवार शाम से आमरण अनशन शुरू कर दिया। महामंत्री ने कहा कि छात्र रजनीकांत की आत्महत्या से सभी छात्र शोकाकुल हैं और उनमें रोष है। ऐसे में विश्वविद्यालय में कोई उत्सव कराना मानवीयता एवं नैतिकता के खिलाफ है। सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव इस उत्सव में शामिल होकर राजनैतिक रोटी सेकना चाहते हैं। कार्यक्रम के लिए जो लाखों रुपये पार्टी फंड से खर्च किए जा रहे हैं, उसे रजनीकांत के परिवार को मदद के लिए देते तो अच्छा होता। महामंत्री ने कहा कि जब तक अखिलेश यादव का कार्यक्रम निरस्त होने की आधिकारिक सूचना नहीं आती है, आमरण अनशन जारी रहेगा।