सूबे कैबिनेट मंत्री ओमप्रकाश राजभर ने योगी सरकार के इलाहाबाद के प्रयागराज नामकरण किए जाने पर तंज कसा है। उन्होंने कहा कि इलाहाबाद उनके ब्लड में है। फिर वे प्रयागराज कैसे बोल सकते हैं। अयोध्या में राममंदिर मामले पर भी उन्होंने केंद्र की मोदी और योगी सरकार को घेरा। कहा कि वे इस मामले में भाजपा के साथ नहीं, बल्कि भारतीय संविधान और न्यायपालिका के साथ हैं। सरकार चाहे तो उन्हें मंत्रीपद से हटा सकती है, लेकिन मंदिर निर्माण को लेकर वह संविधान और न्यायपालिका के निर्णय का ही साथ देंगे।
सर्किट हाउस में संवाददाताओं से हुई बातचीत में उन्होंने कहा कि सरकार में सच कहने की हिम्मत किसी के पास नहीं है। उन्होंने प्रदेश के प्राथमिक विद्यालयों की स्थिति पर भी चिंता जाहिर की। कहा कि वहां नेताओं के बच्चे नहीं पढ़ते हैं। अगर नेताओं के बच्चे वहां पढ़ेंगे तो प्राथमिक विद्यालय बदहाल नहीं रहेंगे। इन विद्यालयों में 3.18 लाख शिक्षकों की कमी है। ओम प्रकाश राजभर ने पिछड़ा वर्ग कल्याण एवं दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग की तमाम उपलब्धियों का भी बखान किया। प्रयागराज में लग रहे कुंभ के बजट पर राजभर ने कहा कि सरकार के पास कुंभ के लिए बजट है लेकिन उनके विभाग के लिए कुछ भी नहीं है। लोकसभा चुनाव में सपा और बसपा के गठबंधन के सवाल पर उन्होंने कहा कि अगर ऐसा हुआ तो भाजपा को भारी नुकसान होगा। अंत में उन्होंने यह भी कहा कि लोकसभा चुनाव में वे भाजपा के ही साथ रहेंगे। डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य को सीएम बनाने की वकालत करने के सवाल पर राजभर ने कहा कि चुनाव पहले भाजपा ने यही माहौल बनाया गया था। तमाम रैलियों में केशव मौर्य को ही सीएम बनाने की बात भी कही गई थी।