शृंग्वेरपुरधाम कलश यात्रा लेकर पहुंचे अंतरराष्ट्रीय कथा वाचक राजन महाराज के दर्शन के लिए भारी हुजूम उमड़ पड़ा। राजन महाराज ने विधि विधान से गंगा पूजन किया और फिर करीब पंद्रह मिनट तक नौकायन कर स्थानीय धर्मस्थली के बारे में बातचीत करते रहे।
शृंग्वेरपुरधाम कलश यात्रा लेकर पहुंचे अंतरराष्ट्रीय कथा वाचक राजन महाराज के दर्शन के लिए भारी हुजूम उमड़ पड़ा। राजन महाराज ने विधि विधान से गंगा पूजन किया और फिर करीब पंद्रह मिनट तक नौकायन कर स्थानीय धर्मस्थली के बारे में बातचीत करते रहे। इस बीच वह नौकायन के बाद मां शांता शृंगी ऋषि मंदिर जाकर दर्शन पूजन किया। धाम में वह करीब सवा घंटे तक रहे।
विज्ञापन
बताते चलें कि शृंग्वेरपुरधाम क्षेत्र से लगे हथिगवां थाना क्षेत्र के परानूपुर में राजन जी महाराज शनिवार से नौ दिवसीय श्रीराम कथा सुनाएंगे। इसके पूर्व भव्य कलश यात्रा लेकर शुक्रवार को हजारों श्रद्धालुओं का हुजूम पहुंचा। कलश यात्रा में करीब तीन सौ चार पहिया वाहन तो हजारों की संख्या में दो पहिया वाहन भी शामिल हुए। धाम में कलश यात्रा ठीक साढ़े बारह बजे पहुंची। इधर आयोजक आनंद पांडेय की तरफ से हेलिकॉप्टर से श्रद्धालुओं पर पुष्पवर्षा कराई गई। इस मौके पर राघव दास महाराज, निर्मल बाबा, मानस बाबा, भाजपा नेता विनोद ओझा, राजमणि शास्त्री, कृष्णचंद्र पाण्डेय, डॉ भृगु कुमार मिश्र, मनीष द्विवेदी, श्याम शर्मा समेत अनेक गणमान्य लोग शामिल रहे।
राजन जी महाराज ने बालक राम श्रीश बाहुबली महाराज के पखारे पांव
राजन जी महाराज ने भगवती गंगा का पूजन आरती के साथ भगवान राम के बाल स्वरूप पांच वर्षीय बालक राम श्रीश बाहुबली महाराज के चरण को पखारे। राजन जी महाराज ने कहा कि शृंग्वेरपुरधाम में केवट भैया ने भगवान राम के चरणों को पखार कर अपना जीवन धन्य किया था। परम सौभाग्य है ऐसी पावन भूमि को नमन करने का अवसर मिला। बालक राम ने राजन जी महाराज को चौपाई एवं शिव तांडव सुनाया। तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के अध्यक्ष अरुण द्विवेदी ने गंगा पूजन कार्यक्रम का संचालन किया। शृंग्वेरपुर महोत्सव के अध्यक्ष संजय तिवारी ने सभी भक्तजनों का आभार व्यक्त करते हुए दिव्य राम कथा में शामिल होने की अपील की।
विज्ञापन
राजन महाराज को धाम में 36वें राष्ट्रीय रामायण मेले का सौंपा आमंत्रण
शृंग्वेरपुरधाम के आयोजित होने वाले पांच दिवसीय 36वें राष्ट्रीय रामायण मेले के लिए राजन महाराज को आमंत्रण पत्र दिया गया। समिति के महामंत्री उमेश चंद्र द्विवेदी ने राजन जी महाराज को धाम की स्मारिका एवं अंगवस्त्रम भेंट करते हुए शामिल होने का निवेदन किया।