डायरी में किया था 14 हत्याओं का जिक्र
डायरी में दर्ज 14 हत्याएं, शिकारों के नाम:पत्रकार हत्याकांड में जांच करते हुए पुलिस ने कोलंदर के फॉर्म हाउस और घर की तलाशी ली तो एक डायरी मिली। इसी डायरी ने उसकी सनक व आतंक के साम्राज्य का खुलासा किया। उसमें उन 14 हत्याओं का जिक्र था, जो उसने अपनी सनक में की। इसमें उन लोगों का नाम भी था, जिसे नरभक्षी कहे जाने वाले कोलंदर ने मौत के घाट उतार दिया। पुलिस तब हैरान रह गई, जब इनमें से कई लोगों के नरमुंड फॉर्म हाउस से बरामद हुए। इनमें अशोक कुमार, मुइन, संतोष, काली प्रसाद व कुछ अन्य लोग शामिल थे।
खोपड़ी भूनकर खाई, दिमाग उबालकर सूप बनाया:कोलंदर का शिकार होने वालों में आयुध डिपो में काम करने वाले काली प्रसाद श्रीवास्तव भी थे। पुलिस के दावों के मुताबिक पूछताछ में उसने बताया कि काली की हत्या की वजह सिर्फ इतनी थी वह कायस्थ बिरादरी का था। कायस्थों का दिमाग तेज होता है और वह उसका दिमाग खुद में समेटना चाहता था। इसलिए उसने उनकी खोपड़ी को भूनकर खाया, दिमाग को उबालकर सूप बनाकर पीया।
‘राजा’ बनने का ख्वाब, बेटों का नाम ‘अदालत-जमानत’
मूलरूप से हिनौती पांडे शंकरगढ़ का निवासी कोलंदर केंद्रीय आयुध भंडार छिवकी में चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी था। वह खुद को राजा समझता था। अपनी सनक के चलते ही वह पत्नी को फूलन देवी कहने लगा था। यहां तक कि बेटों के नाम अदालत और जमानत रख दिया। पत्नी गोमती जिला पंचायत सदस्य भी रही। खौफ कायम करने के लिए अपनी पत्नी का नाम फूलन देवी रख दिया था। क्योंकि, उस समय दस्यु सरगना फूलन देवी का आतंक था। जेल जाने के बाद उसके बारे में यह भी चर्चित रहा कि वह बार-बार दोहराता था कि ‘जो उसे पसंद नहीं, वह उसकी अदालत में दोषी है और उसकी सजा सिर्फ मौत है।’ वह मूलरूप से शंकरगढ़ का रहने वाला था। घटनाओं के वक्त नैनी के राम सगरा गांव में रहता था। राम सगरा में पहले उसने झोपड़ी बनाया, फिर उसके बाद मकान बनाया और बाद में वहीं फॉर्म हाउस बना लिया। उसकी ससुराल बसहरा गांव में राम आधार के घर थी।
अदालत ने करार दिया था जघन्यतम हत्याकांड
2012 में प्रयागराज की अदालत ने पत्रकार धीरेंद्र सिंह हत्यााकांड के मामले में राजा कोलंदर को उम्रकैद की सजा सुनाई। यह भी कहा कि यह केस रेयरेस्ट ऑफ दी रेयर की श्रेणी में आता है। सीरियल किलिंग की यह खौफनाक दास्तान कुछ इस तरह चर्चित हुई कि ओटीटी प्लेटफाॅर्म भी इससे अछूता नहीं रह सका। नेटफ्लिक्स की डॉक्यूमेंट्री ‘इंडियन प्रीडेटर: द डायरी ऑफ एक सीरियल किलर ने उसकी कहानी को देश ही नहीं विदेशों तक पहुंचा दिया।
सजा मिलने से परिवार वाले बेखबर, घर में सन्नाटा
लखनऊ की एडीजे कोर्ट ने शुक्रवार को सीरियल किलर राम निरंजन उर्फ राजा कोलंदर और उसके साले वक्षराज को उम्रकैद की सजा सुनाई। हालांकि, नैनी के राम सगरा स्थित मकान में रहने वाले परिवार के लोगों को सजा के बारे में जानकारी नहीं है।
शुक्रवार को जब राजा कोलंदर की सास से इस बाबत पूछा गया तो उन्होंने कहा, वह तो जेल में है, अब क्या सजा होई। बताया कि उसके दोनों बेटे बड़ा अदालत और छोटा जमानत अपनी पत्नी के साथ रोजगार के सिलसिले में बाहर रहते हैं। यह भी कहा कि वह आज ही शंकरगढ़ से लौटी है, उनको कुछ पता नहीं है। यहां केवल उसके नाती व पौत्र हैं। कोलंदर से आखिरी बार कब मुलाकात हुई, इस सवाल पर बताया कि अभी कुछ माह पहले लखनऊ जेल में गई थी।
काफी प्रयास के बाद घर से बाहर आई ननकई देवी
राजा कोलंदर को सजा मिलने की जानकारी पर मीडिया कर्मी उसके घर पहुंचे थे। लेकिन घर के अंदर रहने के बाद भी उसकी सास ननकई देवी बाहर नहीं आई। काफी प्रयास के बाद बाहर आई तो कही हमें कुछ नहीं पता, हमें भी जेल भिजवाएंगे क्या। काफी प्रयास के बाद वह मीडिया से बात करने को राजी हुई लेकिन केवल कुछ बातों के बाद नाराज होेकर घर के बाहर बने पेड के चबूतरे में बैठ गई। शंकरगढ़ स्थित पुस्तैनी घर व बेटी के बारे में बात करने से ही इन्कार कर दिया। घर के बाहर अंधेरा था और काफी अंदर दो बल्ब जल रहे थे। अंदर से बच्चों के खेलने की आवाज आ रही थी। आसपास के लोग परिवार वालों से दूरी रखते है। वहीं, मीडिया वालों की चहल कदमी के बाद भी आस-पास के लोग बाहर नहीं आए।