प्रायगराज के नैनी के शंकरगढ़ स्थित हिनौता गांव का रहने वाला राजा कोलंदर को पत्रकार धीरेंद्र सिंह की हत्या के बाद साल 2000 में गिरफ्तार किया गया था। अदालत ने दोनों दोषियों को डकैती के दौरान हत्या करने के लिए आजीवन कारावास और एक-एक लाख रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई। साक्ष्य छिपाने के लिए सात सात साल की कैद और 50-50 हजार रुपये का जुर्माना, अपहरण के लिए दस दस साल की कैद और 50-50 हजार रुपये का जुर्माना, डकैती या चोरी की संपत्ति को रखने के लिए 10-10 साल की कैद और 50-50 हजार रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई है।
अदालत ने आदेश दिया कि सजा पाए दोषियों की सभी सजाएं एक साथ चलेंगी। हालांकि आरोपियों को पूरा जुर्माना जमा करना होगा। अदालत ने दोषियों को अधिकतम सजा आजीवन कारावास की सुनाई है लिहाजा दोनों आरोपियों को उनके अंतिम सांस तक जेल में रहना होगा।
राजा कोलंदर: हैवानियत व सनक का दूसरा नाम, खाेपड़ी उबालकर पीने का भी आरोप
बर्बरता का पर्याय रहे सीरियल किलर राम निरंजन कोल उर्फ राजा कोलंदर हत्या के एक मामले में उम्रकैद की सजा सुनाए जाने के बाद फिर सुर्खियों में आ गया है। लखनऊ की अदालत ने रायबरेली के हरचंदपुर निवासी मनोज कुमार सिंह की हत्या में उसे व उसके साले को दोषी ठहराया है। कोलंदर वही कुख्यात नाम है, जिसने एक के बाद एक 14 नृशंस हत्याएं कीं। उसकी हैवानियत को यादकर अब भी लोग सिहर उठते हैं।
14 दिसंबर 2000 का वह दिन था, जब जनपद में बसहरा उपरहार निवासी पत्रकार धीरेंद्र सिंह का क्षत-विक्षत शव मिला। तब शायद ही किसी ने सोचा था कि यह हत्या सीरियल किलिंग की रोंगटे खड़ी कर देने वाली दास्तान को सामने लाएगी। धीरेंद्र की हत्या के बाद उनका सिर और धड़ को अलग-अलग जगहों पर फेंक दिया गया। कड़ी से कड़ी जुड़ी तो जांच की सुई राजा कोलंदर तक पहुंची। फिर परत-दर-परत 14 हत्याओं की कहानी सामने आई। कोलंदर ने उनका नाम अपनी डायरी में 14 नंबर पर ‘धीरे-धीरे लाल’ लिखा था।
धीरेंद्र प्रयागराज से अपने घर बसहरा के लिए निकले थे, तभी राजा कोलंदर ने उन्हें अपने फॉर्म हाउस रमसगरा में बुलाया और उनकी बेरहमी से हत्या कर दी। फिर उनके सिर को बाणसागर तालाब रीवा और धड़ को रायपुर खरचुलियान, रीवा जिले में फेंक दिया। मोबाइल लोकेशन के जरिये पुलिस के हत्थे चढ़ा। कड़ाई से पूछताछ करने पर उसने पूर्व में 13 हत्या और करने की बात कबूली। अपराध में उसका साला बच्छराज भी शामिल था। धीरेंद्र की हत्या में 2012 में उसे व उसके साले को इलाहाबाद हाईकोर्ट ने उम्रकैद की सजा सुनाई।