मामले की विवेचना के बाद पुलिस ने पूर्व मंत्री अंगद यादव, सुनील सिंह, शैलेश यादव और अरुण यादव के विरुद्ध आरोप पत्र दाखिल किया था। छह साल छह माह छह दिन आजमगढ़ की एमपी एमएलए कोर्ट में चले विचारण के बाद 28 अप्रैल 2023 को सुनवाई पूरी हुई। कोर्ट ने पूूर्व मंत्री समेत चार आरोपियों को आजीवन कारावास के साथ बीस -बीस हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई थी।
निचली अदालत द्वारा पारित उम्रकैद की सजा के खिलाफ पूर्व मंत्री ने उच्च न्यायालय में अपील दाखिल की है। जिसकी सुनवाई करते हुए उच्च न्यायालय की खंडपीठ ने निचली अदालत से बहुचर्चित हत्याकांड का रिकॉर्ड तलब किया है और राज्य सरकार को छह हफ्ते में अपील पर आपत्ति दाखिल करने का समय प्रदान किया है।
लखनऊ के लक्ष्मी नारायण यादव हत्याकांड में भी आया था अंगद का नाम
अंगद यादव वर्ष 1991, 1993 और 2007 में बसपा के टिकट पर निजामाबाद सीट से विधायक रहा। इसे बसपा सरकार में वन मंत्री बनाया गया था। लखनऊ में हुए लक्ष्मी नारायण यादव हत्याकांड में इसका नाम प्रकाश में आया था। बसपा के बाद इसने भाजपा का दामन थाम लिया था। यह काफी दिन से जेल में बंद है।