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राज नारायण हत्याकांड: सजा काट रहे पूर्व मंत्री अंगद यादव का रिकॉर्ड हाईकोर्ट ने किया तलब, पढ़ें पूरा मामला

Sat, 01 Jul 2023 08:34 AM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज

सार

मामला आजमगढ़ जिले के सिधारी थाना क्षेत्र का है। आठ साल पहले 19 दिसंबर 2015 को रेलवे स्टेशन के समीप ओवरब्रिज के नीचे सुबह टहलने निकले कांग्रेस नेता और अधिवक्ता राज नारायण सिंह की गोली मार कर हत्या कर दी गई थी।
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अंगद यादव (फाइल फोटो) - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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इलाहाबाद हाईकोर्ट ने आजमगढ़ के बहुचर्चित वकील राज नारायण हत्याकांड में आजीवन कारावास की सजा भुगत रहे बसपा सरकार में मंत्री रहे अंगद यादव का रिकॉर्ड निचली अदालत से तलब किया है। यह आदेश उच्च न्यायालय के न्यायमूर्ति महेश चंद्र त्रिपाठी और न्यायमूर्ति प्रकाश पाडिया की खंडपीठ ने अंगद यादव की ओर से आजमगढ़ के एमपी एमएलए कोर्ट द्वारा पारित दंड आदेश के खिलाफ दाखिल अपील पर सुनवाई करते हुए दिया है।

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मामला आजमगढ़ जिले के सिधारी थाना क्षेत्र का है। आठ साल पहले 19 दिसंबर 2015 को रेलवे स्टेशन के समीप ओवर ब्रिज के नीचे सुबह टहलने निकले कांग्रेस नेता और अधिवक्ता राज नारायण सिंह की गोली मार कर हत्या कर दी गई थी। कांग्रेस नेता की पत्नी सुधा सिंह ने पूर्व मंत्री अंगद यादव समेत कई अन्य के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज करवाया था। विवेचना में यह तथ्य प्रकाश में आया था कि अंगद यादव की पुत्री की शादी राज नारायण की मध्यस्थता से हुई थी।

विवाह के कुछ दिन बाद अंगद यादव की बेटी और ससुरालीजनों में खटपट हो गई और मुकदमेबाजी शुरू हो गई। मुकदमा वापस लेने को लेकर कांग्रेस नेता राज नारायण सिंह से पूर्व मंत्री के बीच रिश्ते तल्ख हो गए थे। राजनारायण की पत्नी ने पूर्व मंत्री अंगद के अलावा अपने पट्दीदार सुनील सिंह को भी नामजद किया था। सुनील के साथ मोटर साइकिल की एजेंसी की डीलरशिप को लेकर दोनों में दुश्मनी पनपी थी।

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मामले की विवेचना के बाद पुलिस ने पूर्व मंत्री अंगद यादव, सुनील सिंह, शैलेश यादव और अरुण यादव के विरुद्ध आरोप पत्र दाखिल किया था। छह साल छह माह छह दिन आजमगढ़ की एमपी एमएलए कोर्ट में चले विचारण के बाद 28 अप्रैल 2023 को सुनवाई पूरी हुई। कोर्ट ने पूूर्व मंत्री समेत चार आरोपियों को आजीवन कारावास के साथ बीस -बीस हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई थी।

निचली अदालत द्वारा पारित उम्रकैद की सजा के खिलाफ पूर्व मंत्री ने उच्च न्यायालय में अपील दाखिल की है। जिसकी सुनवाई करते हुए उच्च न्यायालय की खंडपीठ ने निचली अदालत से बहुचर्चित हत्याकांड का रिकॉर्ड तलब किया है और राज्य सरकार को छह हफ्ते में अपील पर आपत्ति दाखिल करने का समय प्रदान किया है।

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लखनऊ के लक्ष्मी नारायण यादव हत्याकांड में भी आया था अंगद का नाम

अंगद यादव वर्ष 1991, 1993 और 2007 में बसपा के टिकट पर निजामाबाद सीट से विधायक रहा। इसे बसपा सरकार में वन मंत्री बनाया गया था। लखनऊ में हुए लक्ष्मी नारायण यादव हत्याकांड में इसका नाम प्रकाश में आया था। बसपा के बाद इसने भाजपा का दामन थाम लिया था। यह काफी दिन से जेल में बंद है।

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