गर्मी से परेशान लोगों को बारिश ने राहत देने के साथ अब कहर बरपा दिया है। बृहस्पतिवार रात हुई झमाझम बारिश से शहर के हालात बिगड़ गए। जलनिकासी की व्यवस्था न होने से कई मोहल्लों के हजारों घरों में पानी घुस गया। शुक्रवार को प्रभावित मोहल्लों में लोग घरों में कैद रहे। कर्नलगंज, अटाला और रानी मंडी में तीन पुराने मकान बारिश से क्षतिग्रस्त हो गए। किसी की छत गिरी तो किसी की दीवार ढह गई। गनीमत रही कि कोई जनहानि नहीं हुई। कहीं खोदाई तो कहीं नाला,नालियां चोक होने से जलजमाव की समस्या विकराल हो गई। रात में ताल तलैया बनीं सड़कें सुबह तक लबालब रहीं। हर तरफ कीचड़ फिसलन से परेशानी रही। कई सड़कों और फुटपाथों पर रात तक बरसाती पानी लगा रहा। आफत की इस घड़ी विकास कार्यों की दुहाई देने वाले जिम्मेदार अफसर बेपरवाह बने रहे। उनका ध्यान सिर्फ बैठकों में निर्देश देने तक ही सीमित रहा।
जुलाई महीने में सिर्फ तीन घंटे की तेज बारिश के बाद शहर की सूरत बिगड़ने के बाद भी जिला प्रशासन और नगर निगम के अफसरों ने सतर्कता नहीं बरती। सिर्फ बैठकों और फाइलों तक कार्रवाई सीमित रही। नतीजा यह रहा कि शुक्रवार रात हुई तेज बारिश के बाद एक दर्जन से अधिक मोहल्लों के हजारों घरों में पानी घुस गया। लोगों के कीमती सामान खराब हुए। तीन दिन से मीरापट्टी के सैकड़ों घरों में पानी भरने की खबर का किसी के संज्ञान न लेने से हालात और बिगड़ गए। शुक्रवार को हरवारा के कई घरों में पानी घुस गया। कहीं नाले उफनाए तो कहीं चोक नालियों का गंदा पानी जलभराव का कारण बना। हर इलाके में सर्वाधिक दिक्कत कीचड़ और फिसलन से हुई। न तो लोग पैदल चल सके और न ही वाहन चला सके। सड़क पर चलना राहगीरों के लिए हर पल खतरनाक रहा।
शहर के चक मीराट्टी के साथ हरवारा, करेली, करेलाबाग, कालिंदीपुरम, दारागंज, राजरूपपुर, मलाकराज, शिवकुटी में महावीर पुरी, नारायण आश्रम रोड, अपट्रान से एमएनएनआईटी गेट तक, जाफरी कॉलोनी, मुंडेरा में आरके गेस्ट हाउस के पास, अल्लापुर में शिवनगर कॉलोनी, जार्ज टाउन, टैगोर टाउन, आजाद पार्क के सामने, क्रास्थवेट रोड, बैरहना, सोहबतियाबाग, मीरापुर, सिविल लाइंस में नवाब यूसुफ रोड, लिडिल रोड, समेत अन्य इलाकों की सड़कें-गलियां लबालब रहीं। हजारों घरों में पानी घुसने से लोग सामान ही समेटते रहे। शाम तक कई मोहल्लों में पानी कम हुआ लेकिन चक मीरापट्टी, मलाकराज, कालिंदीपुरम, राजरूपपुर में जलभराव के कारण हालात बेकाबू रहने से अधिकांश लोग घरों से ही नहीं निकल पाए।
बारिश का कहर शहर के पुराने मोहल्लों में जर्जर मकानों पर भी बरपा। कर्नलगंज सब्जी मंडी में आर्य समाज मंदिर के पास एक पुराने मकान की छत और छज्जा बृहस्पतिवार की रात बारिश के दौरान ढह गया। वहीं अटाला में मजीदिया इस्लामिया कॉलेज के पिछले हिस्से की दीवार ढह गई। रानी मंडी में धोबी वाली गली में एक मकान की दीवार ढह गई। मलबा आंगन में गिरने के कारण लोग बाल-बाल बच गए। तीनों घटनाओं में कोई हताहत नहीं हुआ। वहीं भारत स्काउट एंड गाइड स्कूल के पास रात में बड़ा पेड़ गिरने से रास्ता बंद हो गया। पानी टंकी के पास भी एक पेड़ गिरने से जाम की स्थिति बनी रही। पेड़ गिरने से इलाके की गुल हुई बिजली दुरुस्त नहीं की जा सकी।