सावन में कांवड़ियों व शहरियों को दिक्कत से बचाने के लिए यातायात पुलिस की ओर से की गई व्यवस्था पहले ही दिन धड़ाम हो गई। बदहाल सड़कें तो पहले ही विलेन बनकर खड़ी थीं, बारिश ने खेल और बिगाड़ दिया। नतीजा यह रहा कि सोमवार को शहर में हर तरफ भीषण जाम लगा रहा। वाहन रेंगते और राहगीर जूझते रहे।
सावन पर कांवड़ियों के आवागमन और शहरियों की सहूलियत को ध्यान में रखते हुए ही पिछले दिनों यातायात पुलिस की ओर से विभिन्न मार्गों पर रूट डायवर्जन करने का निर्णय लिया गया था। सोमवार को इस व्यवस्था का पहला दिन था। अफसरों का मानना था कि भारी वाहनों को बाहर से ही निकाल देने पर शहर में यातायात की समस्या नहीं आएगी। प्लानिंग के तहत ही भारी वाहनों को शहर में इंट्री नहीं दी गई। हालांकि, रविवार रात से ही शुरू हुई बारिश ने यातायात पुलिस का पूरा खेल बिगाड़कर रख दिया। सड़कें पहले से ही बदहाल थीं और इनमें बड़े-बड़े गड्ढे हो गए थे। लगातार बारिश से सड़कों पर जलभराव हो गया और इससे यातायात व्यवस्था चौपट हो गई। हालात यह रहे कि कुछ मीटर की दूरी तय करने में भी राहगीरों को काफी देर लग गई। शहर में अलग-अलग जगहों पर भीषण जाम में लोग जूझते रहे। हालत सबसे ज्यादा खराब बैरहना, सोहबतियाबाग, कुंदन गेस्ट हाउस, नवाब यूसुफ रोड, हाईकोर्ट पानी की टंकी ओवरब्रिज, निरंजन डॉट पुल पर रही। यहां वाहनों की लंबी-लंबी कतार लगी रही। बैरहना चौराहे से सीएमपी कॉलेज तक भीषण जाम लगा रहा।
उधर, सोहबतियाबाग में हर्षवर्धन चौराहे से संगम पेट्रोल पंप तक राहगीर जाम में फंसे रहे। पुलिसकर्मियों के चलते कुंदन गेस्ट हाउस से अल्लापुर की ओर जाने वाले रास्ते पर भी वाहन रेंगते रहे। नवाब यूसुफ रोड से हाईकोर्ट पानी की टंकी ओवरब्रिज तक वाहनों की कतार लगी रही। श्रद्धालुओं की भीड़ के चलते बैंक रोड पर भी जाम लगा रहा। देर शाम तक यही स्थिति बनी रही। मामले में सीओ ट्रैफिक रामप्रकाश दोहरे का कहना है कि डायवर्जन व्यवस्था पर कोई असर नहीं हुआ। बारिश की वजह से कुछ दिक्कतें जरूर आईं। सड़काें पर पानी जमा हो गया और इससे वाहनों को निकलने में थोड़ी परेशानी हुई।
यातायात पुलिस के अफसर भले ही डायवर्जन व्यवस्था प्रभावी तरीके से लागू करने का दावा कर रहे हों, लेकिन नैनी में यह दावा खोखला साबित हुआ। हालत यह रही कि नए यमुना पुल से लेकर रामपुर तिराहे तक एक लेन पर ट्रकों की कतार लगी रही। ऐसे में आवागमन के लिए एक ही लेन उपलब्ध हो सकी, जिससे राहगीरों को दिक्कतों का सामना करना पड़ा। यह तब था जब डायवर्जन व्यवस्था के मुताबिक ट्रकों को रामपुर तिराहे से ही डायवर्ट कर दिया जाना था। अब सवाल यह है कि डायवर्जन लागू होने के बाद भी ट्रक कैसे नए पुल तक पहुंच गए। राहगीरों का कहना है कि रात में भी स्थानीय पुलिस पैसे लेकर ट्रकों को छोड़ देती है, जिससे वह गलत साइड से होकर जाने लगते हैं। इससे हादसे का भी खतरा बना रहता है। अभी हाल ही में गलत साइड से आ रहे ट्रैक्टर ने मिर्जापुर जा रही यात्रियों से भरी रोडवेज बस को टक्कर मार दी थी। स्थानीय लोगों का आरोप है कि जेल रोड चौकी पर तैनात सिपाही अक्सर हाईवे पर वसूली करने के चक्कर में ट्रकों को रुपये लेकर छोड़ देते हैं। इसकी शिकायत भी की गई लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई।