तटबंधों की ओर बढ़ी गंगा-यमुना में सोमवार की शाम मामूली घटाव शुरू हो गया। एक सेंटीमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से गंगा-यमुना घटने लगी हैं। इससे अपर संगम मार्ग आधा डुबोने के बाद गंगा नीचे खिसकने लगी। केन और बेतवा में भी बढ़ाव थम गया है लेकिन नरोरा बांध से फिर 147178 क्यूसेक पानी छोड़ दिया गया। इससे एक बार फिर खतरे की घंटी बज गई है। संगम क्षेत्र में पानी घिरने के बाद मुख्य अभियंता महेश चंद्र शर्मा के निर्देश कुंभ के लिए संगम नोज से हनुमान मंदिर के बीच लगाए गए खंभे-तार हटा लिए गए। जल स्तर में घटाव से एक बारगी किनारों की बस्तियों के लोगों ने राहत की सांस तो ली है लेकिन लगातार बारिश और बांधों से पानी छोड़े जाने की वजह से किसी भी समय नदियों में उफान से इंकार नहीं किया जा सकता। इसे देखते हुए बाढ़ चौकियों पर निगरानी बढ़ा दी गई है।
गंगा-यमुना में सोमवार की शाम घटाव होने से फिलहाल गृहस्थी समेटने में जुटे तटवर्ती लोगों को थोड़ी राहत मिल गई। बेनीबंध स्थित बाढ़ राहत कंट्रोल रूम के आंकड़ों के मुताबिक दोपहर 12 बजे फाफामऊ में गंगा का जलस्तर 78.42 मीटर और छतनाग में 77.19 मीटर रिकार्ड किया गया। नैनी में यमुना का जलस्तर इस दौरान 77.900 मीटर पर था। जबकि, शाम चार बजे जल स्तर घटकर फाफामऊ में 78.38, छतनाग में 77.17 और नैनी में 77.880 मीटर पर आ गया। इस बीच एक बार फिर नरोरा डैम में 1.47 लाख क्यूसेक से अधिक जलराशि गंगा में छोड़ दी गई। इससे गंगा में दोबारा बढ़ाव की आशंका है। उधर, केन और बेतवा के उफान में भी कुछ कमी आई है लेकिन पहाड़ों पर लगातार हो रही बारिश के चलते बाढ़ का खतरा बना हुआ है।
इलाहाबाद। संगम क्षेत्र में अक्षयवट, महावीर मार्ग, रामघाट के अलावा आधे अपर संगम मार्ग तक पानी आने से कुंभ के तहत होने वाले काम ठप पड़ गए हैं। बिजली व लोक निर्माण विभाग के अस्थाई कार्य स्थगित कर दिए गए हैं। घाटियों की चौकियां जल स्तर के हिसाब से आगे बढ़ाई जा रही हैं, ताकि किसी तरह के नुकसान से बचा जा सके। दशाश्वमेध घाट के मुन्ना शुक्ला ने बताया कि जल स्तर बढ़ने के साथ ही चौकियां लगातार ऊपर खिसकाई जा रही हैं।