उतर मध्य रेलवे के प्रयागराज मंडल ने पेपरलेस मुहिम की ओर एक और कदम बढ़ाया है। रेलवे प्रशासन ने अब रिकॉर्ड रूम के लिए ट्रेनों के चार्ट नहीं छापने का निर्णय लिया है। रेलवे की इस व्यवस्था से से प्रयागराज मंडल को ही हर वर्ष 80 लाख रुपये की बचत होगी। प्रयागराज मंडल की गई इस पहल की डीआरएम अमिताभ समेत अन्य अफसरों ने सराहना की है।
प्रयागराज मंडल देश के व्यस्त मंडलों में शामिल है। मंडल से होकर गुजरने वाली सभी ट्रेनों का चार्ट मंडल के प्रमुख स्टेशनों प्रयागराज जंक्शन एवं कानपुर सेंट्रल पर रिकार्ड के रूप में रखा जाता है। जिस कारण अत्यधिक चार्ट पेपर खर्च होता है और रिकार्ड रूम में चार्ट पेपर रखने के कारण गंदगी भी फैलती है।
वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक अंशू पाण्डेय की पहल पर क्रिस साफ्टवेयर द्वारा प्रयागराज मंडल के अंतर्गत प्रयागराज एवं कानपुर सेंट्रल स्टेशन के मुख्य आरक्षण पर्यवेक्षक को एक स्पेशल आईडी प्रदान की गई है। इसके अंतर्गत प्रयागराज एवं कानपुर सेंट्रल स्टेशन पर साढे तीन वर्ष तक की अवधि के चार्ट को किसी भी समय प्रिंट किया जा सकता है।
बता दें कि प्रयागराज मंडल के अंतर्गत प्रयागराज एवं कानपुर सेंट्रल स्टेशन पर प्रत्येक गाड़ी के चार्ट को नियमित रूप से प्रिंट किया जाता है और रिकॉर्ड के रूप में 6 माह तक रिकार्ड रूम में रखा जाता है। क्रिस द्वारा स्पेशल आईडी प्रदान करने के पश्चात अब चार्ट को प्रिंट कर रिकॉर्ड के रूप में रखने की आवश्यकता नहीं होगी। जिस कारण अत्यधिक मात्रा में पेपर की बचत होगी।
प्रमुख मुख्य वाणिज्य प्रबंधक की अनुमति से प्रयागराज मंडल के अंतर्गत यह व्यवस्था तत्काल प्रभाव से लागू कर दी गई है। मंडल के पीआरओ सुनील गुप्ता ने बताया कि इस व्यवस्था से प्रतिवर्ष प्रयागराज मंडल को लगभग 80 लाख रुपये की बचत होगी।