रेल संचालन में आ रही चुनौतियों से निपटने के लिए भारत सरकार ने अध्यापकों, शोधार्थियों और छात्र-छात्राओं से सुझाव मांगे हैं। रेल मंत्रालय ने यात्री सुविधाओं और सुरक्षित सफर को ध्यान में रखकर सबसे चुनौती वाले पांच क्षेत्र चुने हैं। मंत्रालय का इस साल इन क्षेत्रों में सुधार पर फोकस होगा। इस तरह की पहल रेल बजट से पहले की गई है। यानी, चयनित सुझाव और प्रस्तावों को रेल बजट में भी जगह मिल सकती है। पांचों बिंदुओं पर 20 फरवरी तक सुझाव मांगे गए हैं।
पिछले महीने आयोजित रेल विकास शिविर में प्रधानमंत्री ने इनोवेशन चैलेंज योजना की शुरुआत की। इसका मकसद रेलवे में सुधार तथा रेल बजट तैयार करने में विशेषज्ञों तथा आमलोगों की भागीदारी बढ़ाना है। विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) की ओर से कुलपतियों को इस बाबत पत्र लिखा गया है। साथ में यह भी कहा गया है कि विश्वविद्यालय के साथ संबद्ध कॉलेजों के अध्यापकों और विद्यार्थियों को सरकार की योजना से अवगत कराया जाएगा।