200 से 300 किलोमीटर की दूरी से आने वाले श्रद्धालुओं के लिए भी 1800 छोटी दूरी की ट्रेनों का भी संचालन किया जाएगा। रेलवे इस महाकुंभ में रिंग रेल भी चलाने जा रहा है। जिसमें बैठकर श्रद्धालु प्रयागराज से चित्रकूट, बनारस, और अयोध्या की यात्रा कर सकते हैं। मीडिया से बात करते हुए उन्होंने बताया कि श्रद्धालुओं का महाकुंभ का अनुभव यादगार हो इसके लिए रेलवे और मेला प्रशासन साथ मिलकर काम कर रहा है।
महाकुंभ में श्रद्धालुओं के सुरक्षा के भी पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। किसी भी अनहोनी से बचाव के लिए एनडीआरएफ की भी विशेष तैनाती की गई है। शनिवार को एनडीआर, प्रयागराज मेला प्राधिकरण और अन्य संस्थाओं ने साथ मिलकर संयुक्त मेगा माॅक किया। इस अभ्यास का उद्देश्य यह है कि महाकुंभ में आने वाले श्रद्धालुओं को भव्य और सुरक्षित आयोजन का अनुभव कराया जा सके। इसके साथ ही किसी आपात स्थिति से भी निपटा जा सके।
एनडीआरएफ ने बताया कि महाकुंभ की सुरक्षा में लगी सभी एजेंसियों के बीच आपसी तालमेल को बढ़ाने के लिए इस यह आयोजन किया गया है। मोहसिन सिद्दीकी उपमहानिरीक्षक (आपरेशन) और मनोज कुमार शर्मा उपमहानिरीक्षक नोडल आफिसर एनडीआरएफ ने देखरेख में अभ्यास किया। महाकुंभ 2025 का आयोजन 13 जनवरी से 26 फरवरी तक किया जाएगा। इस दाैरान लगभग 40 करोड़ श्रद्धालुओं के आने की अनुमान है। जिसके लिए संगम नगरी में तैयारियां पूरी कर ली गई है।