निकट भविष्य में वंदे भारत एक्सप्रेस में लगे कोच के अंदर सेंसर तकनीकी से खुलने वाले दरवाजे अन्य ट्रेनों में भी दिखे तो चौंकिएगा नहीं। कोरोना वायरस के बढ़ते प्रकोप को देखते हुए रेलवे ने अब तक किया है कि वह अपने यहां आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस का ज्यादा से ज्यादा प्रयोग करेगा। सिर्फ रेल कोच ही नहीं, रेलवे स्टेशनों के प्रतीक्षालय, विश्रामालय आदि स्थानों के साथ रेलवे कार्यालय में लगे दरवाजे सेंसर तकनीक वाले ही लगाए जाएंगे।
रेलवे का ट्रेन प्रोटेक्शन वार्निंग सिस्टम (टीपीडब्ल्यूएस ) इसका एक जीता जागता उदाहरण है। जो रेल फ्रैक्चर आदि की जानकारी इंजन में ड्राइवर और कंट्रोल रूम को भेज देता है। इस संबंध में रेलवे बोर्ड ने भी उत्तर मध्य रेलवे समेत सभी जोनल रेलवे की गठित कमेटी से आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस के संबंध में रिपोर्ट मांगी है। चर्चा है कि बोर्ड द्वारा गठित कमेटी जिसमें रेलवे के वरिष्ठ अधिकारी शामिल है उन्होंने आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस का रेलवे में ज्यादा से ज्यादा कैसे उपयोग किया जाए उसकी रिपोर्ट तकरीबन तैयार कर ली है। इस बारे में एनसीआर के सीपीआरओ अजीत सिंह का कहना है कि रेल के विभिन्न क्षेत्रों में आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस का उपयोग करने के बारे में बोर्ड की ओर से गठित कमेटी काम कर रही है। कमेटी की रिपोर्ट के बाद बोर्ड जो निर्देश देगा उसका एनसीआर पालन करेगा।