फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

रेलयात्रियों के लिए बड़ी खबर, अब स्लीपर क्लास में भी मिलेगी एसी की सुविधा

Sat, 12 Jan 2019 01:11 AM IST
देव कश्यप डॉ. अखिलेश मिश्र, अमर उजाला, प्रयागराज
विज्ञापन
प्रतीकात्मक तस्वीर
विज्ञापन

मोतीलाल नेहरू राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (एमएनएनआईटी) के बीटेक छात्र अब स्लीपर क्लास के यात्रियों को 49 रुपये में तकिया, कंबल, चादर, तौलिया जैसी अन्य सुविधाएं उपलब्ध कराएंगे। स्टार्ट अप योजना के तहत छात्रों ने रोजगार की नई संभावनाओं को ढूंढ निकाला है। बीटेक के सोनू कुमार गुप्ता (बायोटेक), अमरेंद्र त्रिपाठी (बायोटेक) एवं आशुतोष झा (मैकेनिकल) ने स्टार्टअप तैयार कर यह उपलब्धि हासिल की। इस योजना को रेलवे ने मंजूरी दे दी है। जल्द ही इस पर काम शुरू हो जाएगा। 

विज्ञापन


लोकल वेंडर्स को रोजगार उपलब्ध कराने की योजना
बीटेक छात्र सोनू कुमार, अमरेंद्र त्रिपाठी एवं आशुतोष झा ने बताया कि वे उनके स्टार्ट अप के जरिए रेलवे के स्लीपर क्लास में यात्रियों को मात्र 49 रुपये में एसी कोच में मिलने वाली सुविधा जैसी सेवा उपलब्ध कराएंगे। बताया कि स्लीपर के यात्रियों को वह 49 रुपये में कंबल, तकिया, चादर, तौलिया, एक पानी की बोतल, एक कप चाय, एक बिस्किट, एक पेपर सॉप देंगे।

स्लीपर क्लास में यह सुविधा उपलब्ध कराने के अलावा वह स्थानीय स्तर पर काम करने वाले वेंडर्स जैसे चाय, समोसे, चने बेचने वालों को ऐसा अवसर उपलब्ध कराएंगे, जिससे यह वेंडर इन चीजों को एक ब्रांड के तौर बेच सकेंगे। लोकल वेंडर्स के उत्पाद को बाजार मिलने से बड़ी संख्या में रोजगार मिलेगा। नए स्टार्ट अपर पर काम कर रहे इन छात्रों ने बताया कि इससे हमारे रेलवे की सुविधाओं का विकास होगा और यात्रियों को बेहतर यात्रा का अनुभव हो सकेगा।

विज्ञापन
विज्ञापन

नई कंपनी की आय का बड़ा हिस्सा गरीब बच्चों की शिक्षा पर होगा खर्च

स्टार्ट अप पर काम कर रहे छात्र सोनू ने बताया कि नई व्यवस्था करने के लिए उन लोगों ने नई कंपनी ‘कॉम्फी क्लीन एंड टेक ट्रेवेल्स प्राइवेट लिमिटेड’ के नाम से स्थापित कर ली है। बताया, जल्द ही लोगों को इस सुविधा का लाभ मिलने लगेगा। कंपनी से होने वाले लाभ का एक बड़ा हिस्सा गरीब बच्चों की शिक्षा पर खर्च किया जाएगा। एमएनएनआईटी के इन छात्रों ने संस्थान के आसपास रहने वाले गरीब परिवारों के बच्चों की शिक्षा के लिए अनोखी पहल के नाम से कक्षाएं चला रखी हैं। इस पहल में इन छात्रों को काफी सफलता मिली है। छात्रों की इस पहल को पुराने छात्रों ने भी पूरा समर्थन दिया है।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें