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रेलवे एनटीपीसी बवाल : वीडियो फुटेज के आधार पर छह और उपद्रवियों की पुलिस ने की पहचान

Sat, 29 Jan 2022 11:22 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज

सार

25 जनवरी को हुई इस घटना में नामजद तीन आरोपियों को जेल भेजने के साथ ही पुलिस अज्ञात उपद्रवियों को चिह्नित करने में जुटी थी। सूत्रों का कहना है कि घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों व अन्य वीडियो फुटेज से छह अन्य लोगों की पहचान हुई। यह सभी छात्रों को उकसाने का काम कर रहे थे।
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Prayagraj Police - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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रेलवे परीक्षा को लेकर कर्नलगंज के बघाड़ा में हुए बवाल के मामले में पुलिस ने छह और उपद्रवियों को चिह्नित किया है। वीडियो फुटेज से पहचाने गए इन लोगों के बारे में पुलिस को जानकारी मिली है कि जेल भेजे गए राजेश सचान के साथ ही इन्होंने भी ही छात्रों को ट्रैक जाम करने व पुलिस पर पथराव के लिए उकसाया था। कर्नलगंज पुलिस का कहना है कि चिह्नित किए गए आरोपियों की तलाश शुरू कर दी गई है।

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25 जनवरी को हुई इस घटना में नामजद तीन आरोपियों को जेल भेजने के साथ ही पुलिस अज्ञात उपद्रवियों को चिह्नित करने में जुटी थी। सूत्रों का कहना है कि घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों व अन्य वीडियो फुटेज से छह अन्य लोगों की पहचान हुई। यह सभी छात्रों को उकसाने का काम कर रहे थे।


पुलिस ने इनके बारे में जानकारी जुटाई तो यह पता चला कि इनमें से कुछ छात्रनेता भी हैं। इसके बाद से इनकी तलाश शुरू कर दी गई है। फिलहाल बघाड़ा और आसपास के क्षेत्रों में पुलिस टीम इनकी सुरागकशी में लगी हुई है। कर्नलगंज पुलिस का कहना है कि चिह्नित किए गए आरोपियों की तलाश में टीमें लगाई गई हैं। विवेचना में प्रकाश में लाकर इनका नाम मुकदमे में शामिल किया जाएगा।

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छात्रों का शुरू हुआ सत्यापन
25 जनवरी जैसी घटना की पुनरावृत्ति न हो, इसके लिए पुलिस की ओर से एहतियाती कदम उठाए जाने लगे हैं। पुलिस ने बघाड़ा और आसपास के इलाकों में किराये पर रहने वाले छात्रों का सत्यापन शुरू करा दिया है। इसके तहत एक-एक छात्र का नाम-पता व उनकी आईडी प्रूफ की छायाप्रति देखी जा रही है। इसके साथ ही उनका ब्यौरा रजिस्टर में भी दर्ज किया जा रहा है। सभी मकान मालिकों को कहा गया है कि वह अपने यहां रहने वाले किरायेदार छात्रों का सत्यापन करा लें।


पुलिस अफसरों ने किया संवाद
एहतियाती कदम व कार्रवाई के साथ ही पुलिस छात्रों को समझाने के प्रयास में भी लगी हुई है। शनिवार को लगातार तीसरे दिन पुलिस अफसरों ने बघाड़ा व आसपास के इलाकों में पहुंचकर छात्रों से संवाद किया। उन्हें बताया कि किसी भी स्थिति में वह अराजकता न फैलाएं और न ही किसी के बहकावे में आएं। निर्दोष छात्रों पर कोई कार्रवाई नहीं होगी लेकिन उपद्रव करने वालों को बख्शा भी नहीं जाएगा। सीओ कोतवाली सत्येंद्र प्रसाद तिवारी व सीओ कर्नलगंज अजीत सिंह चौहान ने छात्रों से संवाद किया। 

लाठीचार्ज के खिलाफ पूर्व पदाधिकारियों ने भी खोला मोर्चा

रेलवे भर्ती के अभ्यर्थियों पर हुए लाठीचार्ज के खिलाफ इलाहाबाद विश्वविद्यालय छात्रसंघ के पूर्व पदाधिकारियों ने भी मोर्चा खोल दिया है। पूर्व पदाधिकारियों ने महात्मा गांधी के शहादत दिवस पर छात्रसंघ भवन के सामने शहीद लाल पद्मधर की प्रतिमा के निकट 30 जनवरी को दोपहर 12 बजे मौन धरने पर बैठने का निर्णय लिया है।


पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष विनोद चंद दुबे ने बताया कि धरने के बाद बैठक की जाएगी, जिसमें शांतिपूर्ण तरीके से अहिंसक आंदोलन चलाने के बारे में विचार विमर्श किया जाएगा। विनोद चंद दुबे के अनुसार धरने में पूर्व पदाधिकारी सतीश अग्रवाल, अनुग्रह नारायण सिंह, केके राय, संजय तिवारी, कृष्णमूर्ति सिंह यादव, हेमंत कुमार टुन्नू, प्रदीप मिश्र अंशुमन, अजित यादव, अभय अवस्थी, सुरेश यादव आदि शामिल होंगे।


दूसरी ओर युवा मंच के पदाधिकारियों ने बैठक कर कहा कि प्रदेश में रिक्त पड़े पांच लाख से अधिक पदों पर भर्ती की मांग को लेकर उनका आंदोलन जारी रहेगा। युवा मंच के पदाधिकारियों ने प्रयाग स्टेशन और बघाड़ा में छात्रों पर हुए लाठीचार्ज की निंदा की। बैठक में युवा मंच के अध्यक्ष अनिल सिंह, ईशान गोयल, अंबरीश चतुर्वेदी, पंकज कुमार, प्रभाकर परिहार, संगीता पाल, जुगेश कुमार, राहुल सिंह, रवि प्रकाश आदि मौजूद रहे।
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युवा मंच के संयोजक राजेश सचान को मिली जमानत
रेलवे की एनटीपीसी भर्ती के मामले में आंदोलनरत छात्रों को उकसाने के मामले में गिरफ्तार किए गए युवा मंच के संयोजक राजेश सचान को राहत मिल गई है। विशेष मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट ने उनकी जमानत अर्जी को मंजूर करते हुए उन्हें जमानत पर रिहा करने का आदेश दिया। 


याची के अधिवक्ता ने तर्क दिया कि उसे जानबूझकर फंसया गया है, जबकि आंदोलन से उसका कोई लेना-देना नहीं है। सरकारी अधिवक्ता ने इसका विरोध किया। कहा कि याची के द्वारा छात्रों को आंदोलन के लिए उकसाया गया। ये छात्रों के बीच पहुंचकर ऑनलाइन मीटिंग के जरिए उन्हें उत्पेरित कर रहे थे। लेकिन कोर्ट ने अभियोजन पक्ष के तर्कों को अस्वीकार कर दिया। कहा कि पुलिस की कार्रवाई सही नहीं है। याची जमानत पाने योग्य है।
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