साहब गोदी में बच्चा है जाने दीजिए...
खुसरोबाग चौराहे तक कुछ वाहनों को आने दिया गया। लेकिन, यहां से आगे जाना श्रद्धालुओं और यात्रियों के लिए कड़ी चुनौती थी। यहां से गुजर रहे ई-रिक्शा सवार रविंद्र सिंह ने सब इंस्पेक्टर राजेश कुमार से विनती करते हुए कहा कि उनको पश्चिम बंगाल जाना है, ट्रेन का समय हो गया है। उनके गोद में बच्चा है, परिवार साथ है, पैदल चलना दुश्वार हो गया है। कृपया उनको आगे जाने दी। लेकिन, उन्हें भी सिर्फ खुसरोबाग के गेट तक ही जाने की अनुमति दी गई।
देर-रात तक बंद रहा मार्ग
श्रद्धालुओं की अधिक भीड़ बढ़ने के कारण कई लोगों को होल्डिंग एरिया में भी रोक लिया गया। मौके पर तैनात पुलिसकर्मी ने बताया कि जंक्शन में अधिक भीड़ होने के कारण इस तरह की व्यवस्था की गई है। हालांकि, जिन श्रद्धालुओं की ट्रेन नहीं थी, वह कुछ समय के लिए होल्डिंग एरिया में रुक गए। यह स्थिति दोपहर दो बजे से रात तक बनी रही।
क्या बोले श्रद्धालु
बड़ी मुश्किल से जंक्शन तक आने के लिए ई-रिक्शा मिला। अब यहां से पुलिस आगे जाने नहीं दे रही है। 4:30 बजे वंदे भारत ट्रेन से दिल्ली जाना है, लेकिन लगता है अब स्टेशन पहुंचने में देरी हो जाएगी। ऐसे में ट्रेन छूटती है तो कौन जिम्मेदार होगा।
शिवम चौबे, मुजफ्फरपुर, बिहार
कुछ जरूरी काम से कानपुर में रिश्तेदार के घर जाना है। किसी ट्रेन में जगह सीट नहीं थी। इसलिए वंदे भारत ट्रेन में बुकिंग की थी। लेकिन, ई-रिक्शा वाले ने पानी टंकी चौराहे पर उतार दिया। अब पैदल ही जा रहा हूं। पता नहीं, ट्रेन मिलती है या छूट जाएगी। - रजनीश कुमार, सुलेमसराय