Prayagraj News : बाइक रैली निकालकर विरोध प्रदर्शन करते रेलवे कर्मचारी।
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रेलवे बोर्ड द्वारा गैर संरक्षा श्रेणी के 50 प्रतिशत रिक्त पदों को सरेंडर करने के आदेश के विरोध में रेल कर्मियों ने सोमवार को प्रदर्शन किया। नार्थ सेंट्रल रेलवे इंपलाइज संघ के बैनर तले हुए इस प्रदर्शन में रेल कर्मियों ने जुलूस निकालने के साथ डीआरएम ऑफिस के गेट पर जमकर नारेबाजी की। इस दौरान यूनियन नेताओं और कर्मचारियों ने अपनी तमाम मांगों को लेकर आवाज बुलंद की। वहां डीआरएम को संबोधित 11 सूत्रीय मांग का एक ज्ञापन सौंपा गया।
इसके पूर्व यूनियन के जोनल महामंत्री आरपी सिंह ने केंद्र सरकार को मजदूर विरोधी बताया। उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा एक के बाद एक तुगलकी फरमान जारी किए जा रहे हैं। उन्होंने 20 मई 22 को बोर्ड द्वारा जारी किए गए पत्र का हवाला देतेे हुए कहा कि बोर्ड द्वारा गैर संरक्षा श्रेणी के 50 प्रतिशत रिक्त पदों को समाप्त करने का आदेश सभी जोनल महाप्रबंधकों को दिया है।
इसका पुरजोर विरोध नेशनल फेडरेशन ऑफ इंडियन रेलवे मैन (एनएफआईआर) और नार्थ सेंट्रल रेलवे इंपलाइज संघ (एनसीआरईएस) द्वारा किया जा रहा है। आरपी सिंह ने कहा कि संगठन लगातार कर्मचारी सुविधाओं को बढ़ाने व उनके कार्य स्थलों, गैंग हटो एवं विश्राम गृहों में सुधार करने की वार्ता करता रहा है, लेकिन प्रशासन का रवैया ढुलमुल बना रहता है। सरकार मजदूरों की संख्या घटाकर व रिक्तियों को न भरकर सरकार संरक्षा व सुरक्षा के साथ खिलवाड़ कर रही है, इसका प्रबल विरोध इपंलाइज संघ द्वारा किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि आवश्यकतानुसार आंदोलन को तेज किया जायेगा। सभा में मंडल मंत्री चंदन सिंह ने कहा कि सरकार कर्मचारियों से रात में तो कार्य करवाती है लेकिन रात्रि भत्ते पर रोक लगाकर वह कर्मचारियों को शोषण कर रही है। इस अवसर पर एसके मिश्र, अखिलेश सिंह राठौर, आलोक सहगल, एसके सिंह, गोबिंद सिंह, सत्यम गुप्ता, बीके यादव, राकेश चौधरी, शास्त्री देवी, एसके यादव, योेगेंद्र वर्मा आदि मौजूद रहे। धरना प्रदर्शन के बाद 11 सूत्रीय मांग का ज्ञापन एडीआरएम को सौंपा गया।