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पीएमओ ने रेलवे से पूछा सांसदों का काम

Fri, 19 Dec 2014 12:28 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, इलाहाबाद
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सांसदों को परखने का नया रास्ता निकाला है। पीएमओ जानना चाहता है कि सांसद रेलवे में जनता और यात्रियों से जुड़े मुद्दों पर हाथ-पैर मार रहे हैं या कर्मचारियों के स्थानांतरण जैसे कामों में उलझे पड़े हैं। इसके लिए सभी जोनल रेलवे से पूछा गया है कि किन-किन सांसदों ने नई रेल लाइन, दोहरीकरण, रेलमार्गों के विद्युतीकरण, नई ट्रेनों के संचालन, ट्रेनों के ठहराव व फेरा बढ़ाने, रेल ओवर ब्रिज, अंडर ब्रिज, स्टेशनों के विकास या उच्चीकरण के लिए चिट्ठियां लिखीं हैं। इनका पूरा विवरण मांगा गया है। चिट्ठी में सांसदों के अन्य पत्रों का भी हवाला मांगा गया है। यानी, जनता से जुड़े मुद्दों से इतर सांसद रेलवे में किन विषयों को लेकर चिट्ठियां लिख रहे हैं।
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प्रधानमंत्री मोदी लगातार सांसदों को जनता के बीच सक्रिय करने में जुटे हुए हैं। भाजपा संगठन के स्तर पर भी सांसदों पर दबाव है कि वह ठेकेदारों और स्थानांतरण के लिए चिट्ठियां लिखने के बजाए जनता से जुड़े मुद्दे उठाएं। सांसद इस पर अमल कर रहे हैं या नहीं। चर्चा है कि पीएमओ और संगठन लगातार इसकी निगरानी कर रहा है। नया मामला रेलवे से जुड़ा है। आधिकारिक सूत्रों के मुताबिक रेल मंत्रालय ने उत्तर मध्य रेलवे समेत सभी 17 जोनों को पत्र लिखे हैं। इसमें साफ पूछा गया है कि किन-किन सांसदों ने जनता से जुड़े पत्र लिखे हैं।

उत्तर मध्य रेलवे क्षेत्र में मिर्जापुर, इलाहाबाद, कौशांबी, फतेहपुर, कानपुर, इटावा, शिकोहाबाद, अलीगढ़, बांदा, झांसी, आगरा, मथुरा, ग्वालियर समेत 35 से ज्यादा सांसद हैं। जिले के सांसद श्यामाचरण गुप्ता और केशव प्रसाद मौर्य ने दोनों दूरंतो ट्रेनों का फेरा बढ़ाने, कटड़ा वैष्णोधाम तक नई ट्रेन चलाने की मांग की है। श्यामाचरण गुप्ता ने जसरा, शंकरगढ़ स्टेशनों पर ट्रेनों के ठहराव व आरओबी के निर्माण, केशव प्रसाद ने सूबेदारगंज स्टेशन पर दिल्ली जाने वाली ट्रेनों के ठहराव और तीन आरओबी के निर्माण के लिए पत्र लिखा है। दोनों सांसदों ने नई रेल लाइन, दोहरीकरण या रेलमार्गों के विद्युतीकरण की एक भी चिट्ठी नहीं लिखी है। मंगलवार को रिपोर्ट मंत्रालय को भेज दी गई है। उधर, अफसरों का तर्क है कि यह कवायद रेल बजट को लेकर भी हो सकती है। चर्चा है कि इस बार रेल बजट मांग आधारित हो सकता है।
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