पानी की टंकी से आने वाले यात्रियों को भेजा गया खुसरोबाग
इस बीच खुसरोबाग यात्रियों के लिए खोला गया। सिविल लाइंस, पानी की टंकी से आने वाले यात्री खुसरोबाग के अंदर भेजे जाने लगे। इसे लेकर यात्रियों की पुलिस कर्मियों से खूब बहस भी हुई। बिहार के सासाराम निवासी मनीष कुमार सोनू ने कहा कि स्टेशन पास में ही है तो खुसरोबाग के अंदर क्यों भेजा जा रहा है। इसी तरह इटावा के बीडी पांडेय ने भी पुलिस के समक्ष नाराजगी जताई।
उधर, जानसेनगंज चौराहे पर भी जाम की वजह से पुलिस ने लीडर रोड होकर जंक्शन जाने वाला रास्ता बंद कर दिया। यहां भी लोगों की पुलिस से खूब बहस हुई। बताया गया कि जंक्शन पर भीड़ काफी हो गई है। यात्रियों की सुरक्षा के लिए ही डायवर्जन लागू किया गया है। उत्तर मध्य रेलवे के सीपीआरओ शशिकांत त्रिपाठी ने बताया कि भीड़ की वजह से ही इमरजेंसी प्लान लागू किया गया।
चलाईं जा रहीं ऑन डिमांड ट्रेनें
साथ ही ऑन डिमांड ट्रेनें शहर के सभी स्टेशनों से चलाई जा रही हैं। सोमवार की रात आठ बजे तक कुल 265 ट्रेनों में 140 विशेष ट्रेनें चलीं। इस दौरान 68 का संचालन प्रयागराज जंक्शन से हुआ। छिवकी से 20, नैनी से 16, सूबेदारगंज से 02 स्पेशल ट्रेनें चलीं। इसी तरह झूंसी से 18, प्रयाग से 09, रामबाग से 04 एवं फाफामऊ से 03 स्पेशल ट्रेनें चलाई गईं।
ट्रेनों के दरवाजे पर लटक कर आ रहे लोग
प्रयागराज आने वाली तमाम ट्रेनों में सोमवार को लोगों की खूब भीड़ रही। बिहार, पश्चिमी यूपी, पूर्वांचल से आने वाली ट्रेनों के दरवाजे पर लटक कर लोग यहां पहुंच रहे हैं। जगह न मिलने की वजह से बाथरूम में सफर के लिए यात्री मजबूर हो रहे हैं। वहीं स्टेशन पर प्रवेश करने के लिए भी यात्रियों के बीच खूब धक्कामुक्की हो रही है। सोमवार की शाम भी यात्री आश्रय स्थल तीन पर भीड़ बढ़ने के बाद यात्रियाें के बीच धक्का मुक्की हुई। इस दौरान आरक्षित टिकट वाले यात्रियों को जंक्शन पर गेट नंबर पांच से प्रवेश दिया गया।