प्रयागराज संगम एक्सप्रेस और मनवर संगम एक्सप्रेस के रेक को पारंपरिक आईसीएफ कोच से बदलकर आधुनिक एलएचबी (लिंक हॉफमैन बुश) कोच से लैस कर दिया गया है। बरेली से प्रयागराज संगम एक्सप्रेस नए एलएचबी कोच के साथ रवाना हो चुकी है।
प्रयागराज संगम एक्सप्रेस और मनवर संगम एक्सप्रेस के रेक को पारंपरिक आईसीएफ कोच से बदलकर आधुनिक एलएचबी (लिंक हॉफमैन बुश) कोच से लैस कर दिया गया है। बरेली से प्रयागराज संगम एक्सप्रेस नए एलएचबी कोच के साथ रवाना हो चुकी है। प्रयागराज संगम स्टेशन से यह ट्रेन 14 जुलाई से नए रेक के साथ पटरी पर दौड़ेगी। वहीं, प्रयागराज-मनवर संगम एक्सप्रेस का संचालन भी सोमवार से एलएचबी कोच के साथ होगा।
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बता दें कि दुर्घटना या पटरी से उतरने की स्थिति में एलएचबी कोच एक-दूसरे के ऊपर नहीं चढ़ते। इनमें सेंटर बफर काउंसेलर कपलिंग होती है। इससे झटके कम लगते हैं। स्टेनलेस स्टील और एल्यूमीनियम से बने होने के कारण हादसे के वक्त यात्रियों को गंभीर चोट आने का खतरा बेहद कम होता है।
एलएचबी कोचों को 160 किमी/घंटा से लेकर 200 किमी/घंटा तक की रफ्तार के लिए डिजाइन किया गया है। पारंपरिक आईसीएफ कोच की तुलना में 1.7 मीटर लंबे होते हैं। इनमें सीटें/बर्थ अधिक होती हैं। अभी तक ट्रेन में 14 कोच थे लेकिन अब इसमें 16 कोच हो जाएंगे। एसी थ्री कोच की संख्या एक की जगह अब तीन हो जाएगी। इसके अलावा स्लीपर के तीन की जगह छह कोच ट्रेनों में रहेंगे।