पहाड़ी और ऊपरी क्षेत्रों में हो रही बारिश का असर अब संगम नगरी में भी दिखने लगा है। रविवार शाम तक गंगा और यमुना दोनों नदियों के जलस्तर में लगातार बढ़ोतरी दर्ज की गई। केंद्रीय जल आयोग के अनुसार, रविवार रात आठ बजे नैनी में यमुना का जलस्तर 72.90 मीटर दर्ज किया गया।
पहाड़ी और ऊपरी क्षेत्रों में हो रही बारिश का असर अब संगम नगरी में भी दिखने लगा है। रविवार शाम तक गंगा और यमुना दोनों नदियों के जलस्तर में लगातार बढ़ोतरी दर्ज की गई। केंद्रीय जल आयोग के अनुसार, रविवार रात आठ बजे नैनी में यमुना का जलस्तर 72.90 मीटर दर्ज किया गया था। यह पिछले चार घंटे में 14 सेंटीमीटर बढ़ा है। गंगा का जलस्तर फाफामऊ में 76.51 मीटर रहा, जहां आठ सेंटीमीटर की वृद्धि दर्ज हुई। छतनाग में गंगा का जलस्तर सबसे तेज बढ़ा और चार घंटे में 20 सेंटीमीटर बढ़कर 72.60 मीटर पहुंच गया।
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प्रयागराज में खतरे का निशान 84.734 मीटर है, जिससे नदियां अभी काफी नीचे बह रही हैं। हालांकि जलस्तर में लगातार हो रही बढ़ोतरी को देखते हुए सिंचाई और बाढ़ खंड के अधिकारी निगरानी बनाए हुए हैं। प्रशासन का कहना है कि सभी तटबंध पूरी तरह सुरक्षित हैं। यदि ऊपरी क्षेत्रों में बारिश का सिलसिला जारी रहा तो आने वाले दिनों में जलस्तर में और तेजी से बढ़ोतरी हो सकती है। इसी तरह दो दिन में ही करीब दो मीटर यमुना नदी का जलस्तर बढ़ गया है। नैनी में 11 जुलाई की सुबह 71.48 मीटर था। सोमवार को सुबह 73.36 मीटर हो गया है।