इलाहाबाद-मुगलसराय रेलखंड में शनिवार की देर रात रेल ट्रैक पर बड़े पत्थर रखकर पटना और भुवनेश्वर राजधानी को पलटाने की साजिश के मामले में नक्सलियों का भी हाथ हो सकता है। उत्तर मध्य रेलवे प्रशासन ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए इसकी जांच भी शुरू करा दी है। सोमवार को रेलवे सुरक्षा बल के जवानों ने स्थानीय पुलिस के साथ पत्थर रखने वाले स्थान के आसपास के गांवों में जांच पड़ताल की। इस दौरान स्थानीय लोगों से भी पूछताछ की गई। इसके अलावा एनसीआर प्रशासन ने वहां पेट्रोलिंग बढ़ाने का भी निर्देश जारी किया है।
बता दें कि शनिवार देर रात मिर्जापुर के पास नई दिल्ली से भुवनेश्वर जा रही 22824 राजधानी एक्सप्रेस के इंजन से एक बड़ा पत्थर टकरा गया। हालांकि ट्रेन चालक ने पत्थर को काफी दूर से ही देख लिया था। उसने ब्रेक लगा दिया लेकिन स्पीड में होने की वजह से ट्रेन रुकते-रुकते उस पत्थर से टकरा गई। इससे राजधानी के इंजन में लगी जाली टूट गई। बाद मिर्जापुर रेलवे स्टेशन पर खड़ी एक मालगाड़ी का इंजन मंगवाकर उसे रवाना किया गया। इसी बीच पटना से नई दिल्ली जा रही 12310 राजधानी भी अप लाइन पर आ गई। स्टेशन से आगे बढ़ते ही नटवां के पास अप लाइन पर भी बड़ा सा पत्थर रखा देखकर उसके चालक ने भी ब्रेक लगाया लेकिन ट्रेन पत्थर से टकरा गई। एक साथ दोनों पटरियों पर पत्थर रखने के मामले को रेल प्रशासन ने भी गंभीरता से लिया है। हालांकि रेलवे ने ट्रैक पर रखे पत्थर को टूटा हुआ स्लीपर बताया है। चर्चा इस बात की भी है कि यह कारस्तानी नक्सलियों की भी हो सकती है। इस बारे में डीआरएम एसके पंकज का कहना है कि मामले की जांच शुरू हो गई है। आज वाकये वाले स्थान के आसपास गांवों में रहने वाले लोगों से पूछताछ भी की गई है। इसे अलावा संबंधित रूट पर पेट्रोलिंग भी बढ़ा दी गई है।