अमर उजाला फाउंडेशन के सहायता शिविर में नि:शक्तजनों को रियायती पास के लिए रिकार्ड आवेदन बांटे। काउंटर से नए फार्मेट और हिन्दी में प्रकाशित आवेदन फार्म को लेने के लिए पूरे दिन भीड़ लगी रही। रेलवे ने करीब चार हजार फार्म बांटे। फार्म लेने के बाद शिविर में ही पहुंचे कॉल्विन अस्पताल के चिकित्सकों ने करीब साढ़े तीन हजार आवेदकों को प्रमाण पत्र प्रदान किए। बचे रह गए लोगों को एसआरएन, कॉल्विन और एमडीआई नेत्र चिकित्सालय में बुलाया गया है।
शिविर में उत्तर मध्य रेलवे ने नि:शक्तजनों की मदद के लिए काउंटर लगाया।
फार्म वितरण और रेलवे की अन्य योजनाओं की जानकारी देने के लिए सीएमआई (यूटीएस) अरविंद कुमार यादव, पीआरआई अमित कुमार सिंह और पोर्टर रामराज की ड्यूटी लगाई गई। साथ ही नि:शक्तजनों के लिए रेलवे में उपलब्ध कराई जाने वाली सुविधाओं की जानकारी वाले बैनर भी लगाए। यहां काउंटर शुरू होने से लेकर बंद होने तक फार्म के लिए लोगों की कतार लगी रही। फार्म लेने वाले आवेदक स्वास्थ्य विभाग के काउंटर पर पहुंचे। कॉल्विन अस्पताल से पहुंचे आर्थोपेडिक सर्जन डॉ केके सिंह, नेत्र सर्जन डॉ आरएस राम, वार्ड ब्वाय राजकुमार ने सभी की जांच की। साथ ही यात्रा के लिए जरूरी सर्टिफिकेट भी जारी किया। रिजर्वेशन और बुकिंग के टिकट खरीदने में इन सर्टिफिकेट की छाया प्रति दिखाने पर किराये में छूट मिलेगी।
नि:शक्तजनों की मदद के लिए लगाए गए शिविर में रोडवेज ने भी काउंटर लगाया। रोडवेज की बसों से छूट पर यात्रा करने वाले करीब दो हजार विकलांग यहां पहुंचे। सभी सीएमओ कार्यालय से जारी प्रमाण पत्र लेकर आए। इसमें कई रीवा, वाराणसी, मिर्जापुर और भदोही सीएमओ कार्यालय से जारी प्रमाण पत्र लेकर भी आए। रोडवेज के कर्मचारियों लेखाकार विनोद कुमार कनौजिया और कार्यालय सहायक द्वितीय अशोक कुमार श्रीवास्तव ने सभी को बताया कि बसों के किराये में छूट पर यात्रा करने के लिए सीएमओ कार्यालय से जारी विकलांग प्रमाण पत्र ही मान्य हैं। इसमें सर्टिफिकेट नंबर जरूरी है।