सिपाही भर्ती अभ्यर्थियों ने जैसे ही सिविल लाइंस में पथराव शुरू किया, लोग दुकानों में दुबक गए। सहमे दुकानदारों ने भी धड़ाधड़ शटर गिरा दिए। दो घंटे तक अभ्यर्थी बाजार में उत्पात मनाते रहे और लोग दुकानों में ही कैद रहे। पुलिस ने भी सुभाष चौक पर अभ्यर्थियों के पहुंचने के बाद सारे रास्तों को सील कर घेराबंदी कर दी थी। जब पुलिस ने लाठीचार्ज कर उपद्रवियों को खदेड़ दिया जब जाकर माहौल ठंडा हुआ। उपद्रवियों के भाग जाने के बाद ही दुकानों के शटर खुले। सिविल लाइंस में बवाल दोपहर 12.30 से 2.30 बजे तक होता रहा।
सबसे अधिक आतंकित सुभाष चौराहे के आसपास की दुकानों के मालिक रहे। दो वर्ष पूर्व उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग की परीक्षाओं में त्रिस्तरीय आरक्षण के खिलाफ और समर्थन में सिविल लाइंस में चार बार बवाल हुआ था। हर बार निशाना आम आदमी की गाड़ियों, दुकानों और बसों को बनाया गया था। जब सिपाही भर्ती अभ्यर्थियों की भीड़ चौराहे पर जुट गई तो दो वर्ष पूर्व के हालात ताजा हो गए। माहौल शांत होने के बाद एसपी रोड और एमजी रोड पर लगी बैरीकेडिंग हटा दी गई।
पुलिस ने सिपाही भर्ती अभ्यर्थियों को चार किमी तक खदेड़कर पीटा। पुलिस ने लाठीचार्ज किया तो अभ्यर्थी अटलांटिस मॉल, महात्मा गांधी मार्ग के कई मार्केट के बेसमेंट में घुस गए। पुलिस ने सभी मार्केट की तलाशी ली और उपद्रवियों खोज-खोजकर निकाला। उपद्रवियों को पत्रिका मार्ग, स्टैनली रोड, सरदार पटेल मार्ग, ताशकंद मार्ग तक खदेड़ा गया। उपद्रवियों की तलाश में पुलिस चार किमी दूर कंपनीबाग तक गई। एसपी सिटी ने दोपहर में पूरे सिविल लाइंस में फ्लैग मार्च भी किया।