फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

निजीकरण के विरोध में गरजे रेलकर्मी, निकाला वाहन जुलूस

विज्ञापन
Railway employees protested against privatisation of Indian Railway. - फोटो : CITY DESK
विज्ञापन
प्रयागराज। रेलवे के निजीकरण के विरोध में बृहस्पतिवार को रेलकर्मियों ने प्रदर्शन किया। इस दौरान नार्थ सेंट्रल रेलवे इंपलाइज संघ (एनसीआरईएस) के बैनर तले रेलकर्मियों ने दो पहिया वाहन जुलूस निकालकर अपना विरोध दर्ज करवाया। साथ ही रेलवे की प्रोडक्शन यूनिट के निगमीकरण को लेकर काला दिवस भी मनाया। कहा गया कि अगर निजीकरण किया गया तो रेलकर्मी चक्काजाम के लिए बाध्य होेंगे।
विज्ञापन

रेल मंत्रालय ने सौ दिन का एक्शन प्लान बनाया है। इसी का विरोध रेलकर्मी कर रहे हैं। प्रदर्शन में एनसीआरईएस के जोनल महामंत्री आरपी सिंह ने कहा कि रेल मंत्रालय ने अपने एक्शन प्लान के तहत रेल कोच फैक्टरी रायबरेली, कपूरथला, डीजल इंजन कारखाना वाराणसी आदि यूनिट जो बेहतर कार्य कर रही हैं उनके निजीकरण की तैयारी की है। रेलकर्मी इन प्रोडक्शन यूनिट का किसी भी सूरत में निजीकरण नहीं होने देंगे। निजीकरण के विरोध संघ के सभी पदाधिकारियों, डेलीगेट एवं अन्य कार्यकर्ताओं ने मोटर साइकिल जुलूस निकाला। जो रेलवे अस्पताल, कैरज एंड वैगन कार्यालय, सीपीआरओ ऑफिस, मंडल रेल प्रबंधक कार्यालय, एनसीआर मुख्यालय तक गया। वहां से जुलूस वापस संघ के नवाब यूसुफ रोड स्थित केंद्रीय कार्यालय तक आया। इस दौरान मंडल मंत्री गोबिंद सिंह, सहायक महासचिव सत्य नारायण, एसके सिंह एवं मंडल उपाध्यक्ष आलोक सहगल ने कहा कि सरकार ने पैसेंजर ट्रेनों को भी आईआरसीटीसी के माध्यम से निजी क्षेत्र के उद्यमियों को दे सकती है। जुलूस में अखिलेश सिंह राठौर, पिंटू सिंह, सीपी शुक्ला, फूल चंद्र, राकेश कुमार, राजीव वर्मा, राजीव पांडेय, एके पोद्दार, राज नारायण, रजनीकांत मिश्र, राम विनय सिंह, सत्यम गुप्ता आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें