कितनी बार बोल चुका हूं कि दुबई से भारत कैसे आया मुझे पता नहीं। यह डायलॉग जिला जेल में बंद दुबई के कथित राहुल राज का है। कौशाम्बी जिला पुलिस के अलावा एटीएस तक मामले की छानबीन में लगी लेकिन जांच की दिशा, इससे आगे नहीं बढ़ पा रही है। कुंभ के मद्देनजर पुलिस फिलहाल संदिग्ध युवक को किसी न किसी बहाने जेल में ही रखने का मन बना रही है।
कौशाम्बी जिले के पश्चिमशरीरा कोतवाली अंतर्गत परई उग्रसेनपुर गांव निवासी उदयराज सरोज प्रयागराज के एक होटल में काम करता है। अगस्त 2018 में उदयराज होटल में काम कर रहा था। उदयराज की मानें तो वहां उसकी मुलाकात एक युवक से हुई। उसने बताया कि वह दुबई का रहने वाला है और भारत में उसका कोई पता ठिकाना नहीं है। उदयराज ने बताया कि यह सुनते ही वह लालच में आ गया। बकौल उदयराज उसने सोचा कि अगर यह व्यक्ति भी उसके साथ काम करेगा तो घर में दोगुने पैसे आएंगे। इस पर उदयराज उसे अपने साथ गांव ले आया।
यहां पर उसका नाम राहुल राज दिया गया। कथित राहुल को उर्दू और अंग्रेजी की अच्छी जानकारी है। वह परई उग्रसेनपुर आया और बच्चों को ट्यूशन पढ़ाने लगा। बोलचाल की भाषा से स्थानीय लोगों को शक हुआ तो उन्होंने मामले की जानकारी पुलिस को दी। परिश्चमशरीरा पुलिस ने कथित राहुल को गिरफ्तार किया तो उसने बताया कि वह दुबई का रहने वाला है।
बेल्ट व पर्ची का नहीं खुला राज
एक हादसे में उसके माता पिता मारे गए। उसके पिता का नाम सलीम था। हादसे में वह भी बेहोश (कोमा) में चला गया। होश आने पर वह मुंबई के मदर टरेसा अस्पताल में था। वहीं से वह पहले प्रयागराज और फिर कौशाम्बी आ गया। यहां उसने राहुल राज के नाम से अपना आधार कार्ड व निवास प्रमाण पत्र भी बनवा लिया। पिता के नाम वाले कॉलम में राहुल ने सलीम की जगह उदयराज लिखा।
स्थानीय पुलिस ने राहुल राज को धारा 419, 420, 467, 468 और 471 आईपीसी में जेल भेजा है। मामले में जिले की खुफिया इकाई के अलावा एटीएस भी जांच कर रही है लेकिन राहुल पूर्व में दिए अपने बयानों पर अडिग है। शुक्रवार को एटीएस (एंटी टेररिस्ट स्क्वायड) के इंस्पेक्टर शैलेंद्र त्रिपाठी ने भी राहुल राज से जेल में पूछताछ की लेकिन वह यही कहता रहा कि ‘दुबई का रहने वाला है, मां-बाप की हादसे में मौत हो गई, वह भी कोमा में था, भारत कैसे आया नहीं जानता’।
पकड़े गए कथित राहुल राज की बेल्ट व पास में मिली पर्ची पर एक विशेष तरीके की कोडिंग लिखी थी। एटीएस की जांच में उसका भी राज नहीं साफ हो सका।
बाप का नाम याद, पर खुद का नहीं जानता
मंझनपुर। पुलिस को दिए अपने बयान में कथित राहुल ने अपने पिता का नाम सलीम बताया, लेकिन उसका असली नाम क्या है? इसकी जानकारी पुलिस उससे नहीं ले सकी।