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बरसाना राधारानी मंदिर : इलाहाबाद हाईकोर्ट ने सेवायत विवाद मामले में किया जवाब तलब, 12 सितंबर को होगी सुनवाई

Sat, 03 Sep 2022 10:51 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज

सार

याची की ओर से तर्क दिया गया कि ठाकुर श्री लाडली जी महाराज का पांच हजार साल पुराना मंदिर है। कहा जाता है कि भगवान श्री कृष्ण के पौत्र राजा बज्रनाथ ने इस मंदिर का निर्माण कराया था। मंदिर की देखभाल तीन सेवायत बाबा थोक, लक्ष्मण थोक व अक्षय राम थोक बारी-बारी एक साल के अंतराल पर करते हैं। ये गोस्वामी ब्राह्मण हैं।
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राधा रानी मंदिर, बरसाना - फोटो : Social media
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विस्तार
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इलाहाबाद हाईकोर्ट में मथुरा की छाता तहसील में बरसाना स्थित विश्व प्रसिद्ध राधारानी मंदिर में पूजा-अर्चना के लिए सेवायत विवाद को लेकर याचिका दाखिल की गई है। रास बिहारी गोस्वामी की ओर से दाखिल याचिका पर विपक्षी माया देवी को नोटिस जारी कर कोर्ट ने जवाब मांगा है। मामले में 12 सितंबर को सुनवाई होगी। याचिका में चार सितंबर 22 को राधा अष्टमी पर्व की वजह से विपक्षी के अनधिकृत कब्जे को लेकर हस्तक्षेप की मांग की गई है। सुनवाई जरूरी होने के कारण अदालत छुट्टी के दिन शनिवार को बैठी। किंतु कोई अंतरिम राहत देने से इंकार कर दिया। यह आदेश न्यायमूर्ति विवेक चौधरी ने रास बिहारी गोस्वामी की याचिका पर दिया है।

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याची की ओर से तर्क दिया गया कि ठाकुर श्री लाडली जी महाराज का पांच हजार साल पुराना मंदिर है। कहा जाता है कि भगवान श्री कृष्ण के पौत्र राजा बज्रनाथ ने इस मंदिर का निर्माण कराया था। मंदिर की देखभाल तीन सेवायत बाबा थोक, लक्ष्मण थोक व अक्षय राम थोक बारी-बारी एक साल के अंतराल पर करते हैं। ये गोस्वामी ब्राह्मण हैं।

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माया देवी ने गलत व झूठे तथ्यों को लेकर सिविल वाद दायर किया है। कोर्ट ने अंतरिम निषेधाज्ञा जारी की। विपक्षी ने कोर्ट की निषेधाज्ञा के आधार पर पुलिस की सहायता से मंदिर पर कब्जा कर लिया। याचीगण को बेदखल कर दिया गया। गोविंद राम गोस्वामी ने आपत्ति दाखिल की। सुनवाई में देरी पर हाईकोर्ट की शरण ली। हाईकोर्ट ने सिविल कोर्ट मथुरा को आपत्ति तय करने का आदेश दिया था। जिसपर सुनवाई के बाद सिविल कोर्ट ने अंतरिम निषेधाज्ञा आदेश वापस ले लिया। किंतु, याची को मंदिर के प्रबंधन की जिम्मेदारी नहीं सौंपी गई। विपक्षी ने कोर्ट की निषेधाज्ञा समाप्त होने के बाद कब्जा कायम रखा है।


याची के पूजा अर्चना कराने के अधिकार का उल्लंघन किया जा रहा है। विपक्षी ने अर्जी दी है, जो अधीनस्थ अदालत में विचाराधीन है। जिसकी सुनवाई आठ सितंबर को होगी। मंदिर पर अवैध कब्जा और राधा अष्टमी पर्व को लेकर हाईकोर्ट से हस्तक्षेप करने की मांग में याचिका दाखिल की गई है। जिस पर कोर्ट ने विपक्षियों से जवाब मांगा है।
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