वहीं, सात साल बाद आई भर्ती ने मानविकी विषय वाले अभ्यर्थियों को भी झटका दिया है। एलटी ग्रेड भर्ती में सर्वाधिक आवेदन हिंदी व सामाजिक विज्ञान विषय के लिए आते हैं, लेकिन पिछली भर्ती के मुकाबले इस बार दोनों ही विषयों में पदों की संख्या कम है। वर्ष 2018 के विज्ञान में सहायक अध्यापक हिंदी के कुल 1433 व सामाजिक विज्ञान के 1854 पद थे जिनकी संख्या घटकर इस बार क्रमश: 687 व 701 रह गई है।
इसके अलावा जीव विज्ञान विषय में पदों की संख्या 622 से घटकर 214, संस्कृत में 516 से 182 हो गई है। उर्दू, संगीत, शारीरिक शिक्षा, कृषि में भी पदों की संख्या कम हुई है। गणित और विज्ञान विषय में पदों की संख्या बढ़ी है। पिछली बार गणित के 1035 और विज्ञान के 1045 थे लेकिन इस बार पदाें की संख्या बढ़कर क्रमश: 1093 व 1337 हो गई है। वाणिज्य विषय में भी पदों की संख्या 29 से बढ़कर 58 हो गई है।
कला विषय में पदों की संख्या बढ़ी है। वर्ष 2018 के विज्ञापन में सहायक अध्यापक कला के 470 पद थे जबकि इस बार 578 पद हैं। दरअसल, इस विषय में समकक्ष अर्हता के विवाद के कारण बड़ी संख्या में अभ्यर्थियों का चयन निरस्त कर दिया था जिसकी वजह से पद खाली रह गए थे। रिक्त रह गईं सीटों समेत नए पदों को इस बार भरा जाएगा।
इस बार कंप्यूटर विषय में बेहतर चयन के आसार
वर्ष 2018 के विज्ञापन में सहायक अध्यापक कंप्यूटर के लिए बीएड को अनिवार्य शैक्षिक अर्हता के रूप में लागू किया किया था। आमतौर पर बीटेक या बीसीए करने वाले अभ्यर्थी बीएड बहुत कम करते हैं। ऐसे में भर्ती के लिए पर्याप्त संख्या में योग्य अभ्यर्थी नहीं मिले और जो मिले उनमें से कई पास बीएड की डिग्री नहीं थी। इस बार सहायक अध्यापक कंप्यूटर की अनिवार्य शैक्षिक अर्हता से बीएड को हटा दिया गया है। बीएड डिग्री वालों को सिर्फ चयन में वरीयता दी जाएगी। ऐसे में इस बार कंप्यूटर विषय में बेहतर चयन के आसार हैं।