वर्तमान में कानून व्यवस्था के उल्लंघन की दशा में पुलिसकर्मियों को ही लगाया जाता है। हालात गंभीर हों तो पीएसी या फिर आरएएफ को बुलवाया जाता है। पुलिस अफसरों का कहना है कि थानों की फोर्स के साथ ही लाइन में मौजूद रिजर्व फोर्स को ऐसी स्थितियों में ड्यूटी पर बुलाया जाता है। जबकि इन परिस्थितियों से निपटने के लिए विशेष रूप से प्रशिक्षित जवानों की आवश्यकता होती है। जो न सिर्फ शारीरिक बल्कि मानसिक रूप से भी बेहद मजबूत हों। यही वजह है कि अब जनपद स्तर पर क्यूआरटी का गठन करने का निर्णय लिया गया है। रिजर्व फोर्स की तरह ही इस टीम के सदस्य लाइन में रहेंगे, जिन्हें जरूरत पड़ने पर कहीं भी तुरंत मौके पर भेजा जा सकेगा।
prayagraj news : SSP Prayagraj Abhishek
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बिकरू कांड से सबक लेकर उठाया गया कदम
कहा जा रहा है कि कानपुर के बिकरू कांड में आठ पुलिसकर्मियों की शहादत की घटना को देखते हुए ही क्यूआरटी के गठन का निर्णय लिया गया। दरसअल, बिकरू में जिस तरह से अपराधियों ने अत्याधुनिक हथियारों से लैस होकर पुलिस से लोहा लिया, उससे यह बात सामने आई कि वहां विशेष रूप से प्रशिक्षित पुलिसकर्मियों की जरूरत थी।