नियम के विरुद्ध किया गया था प्रमोशन
दूरस्थ शिक्षा केंद्रों के डिप्लोमा के आधार पर लिपिकीय संवर्ग से पदोन्नति पाने वाले इन अवर अभियंताओं ने शासन के आदेश को ठेंगा दिखाते हुए चिकित्सा अवकाश लेने वाले इन कर्मियों ने अवर अभियंता के पद पर ज्वाइन कराने के लिए प्रमुख अभियंता दफ्तर में हंगामा और मारपीट कर नया बखेड़ा खड़ा कर दिया है। प्रमुख अभियंता ने इस मामले की विभागीय जांच के आदेश दिए हैं। शासन ने इस मामले में पूछा है कि आखिर जब पदावनत किए गए कर्मी चिकित्सा अवकाश पर थे, तब वह शनिवार को ज्वाइनिंग के लिए बवाल काटने कैसे पहुंच गए।
अफसरों के मुताबिक लिपिकीय संवर्ग की प्रोन्नति के लिए जारी नियमावली के तहत जेई के 95 फीसदी पदों को आयोग के माध्यम से सीधी भर्ती के जरिए भरा जाना था। जबकि, पांच प्रतिशत पदों पर विभाग में नियुक्त समूह ग के लिपिक संवर्ग के कर्मचारियों को पदोन्नति दी जानी थी। लेकिन, पदोन्नति में मानक का ध्यान नहीं रखा गया। इस मामले में नियुक्ति से पहले डिप्लोमा का सक्षम संवैधानिक संस्था से सत्यापन भी नहीं करवाया गया। इस मामले की जांच के लिए गठित कमेटी ने इनके डिप्लोमा को अमान्य ठहराते हुए प्रोन्नति का आदेश निरस्त कर दिया है।