आरटीओ में बिना पंजीकरण के चल रहे अवैध ई-रिक्शा को सीज करने के अभियान के खिलाफ शनिवार दोपहर ई-रिक्शा चालकों ने आम आदमी पार्टी के कार्यकर्ताओं के साथ सिविल लाइंस के सुभाष चौराहा पर चक्काजाम किया तो उन्हें पुलिस का गुस्सा झेलना पड़ा। जाम लगने पर पुलिस ने लाठियां भांजकर कई लोगों को हिरासत में ले लिया। साथ ही एक दर्जन ई-रिक्शा सीजकर दिया। विरोध में थाने का घेराव किया गया।
कमिश्नर राजन शुक्ला के आदेश पर आटीओ के प्रवर्तन दस्तों ने पिछले कई रोज से उन ई-रिक्शा को पकड़कर सीज करने का अभियान चला रखा है, जिनका आरटीओ में पंजीकरण नहीं है। अब तक अस्सी से ज्यादा ई-रिक्शा सीज हो चुके हैं। इसके खिलाफ शनिवार दोपहर ई-रिक्शा चालक-मालिक वेलफेयर एसोसिएशन ने आम आदमी पार्टी के कार्यकताओं के साथ पहले अपर आयुक्त को ज्ञापन दिया।
फिर सिविल लाइंस के सुभाष चौराहा पर चक्काजाम कर दिया। चौराहे पर चौतरफा जाम लगने पर पहले तो पुलिस ने उन्हें हटने के लिए कहा, मगर जब वे नहीं माने तो पुलिस ने लाठीचार्ज कर दिया। ऐसे में वहां अफरा-तफरी मच गई। पुलिस ने करीब एक दर्जन ई-रिक्शा कब्जे में लेकर आठ लोगों को हिरासत में ले लिया। पकड़े गए लोगों अरविंद त्रिपाठी, आप जिला संयोजक ब्रजेश सक्सेना, शिमला, गोलू सोनकर, रावेंद्र पाडेय, विकास राज, मनीष कुमार आदि शामिल हैं। इंस्पेक्टर महेश पांडेय ने बताया कि गैरकानूनी रूप से चक्काजाम करने की वजह से पुलिस को कार्रवाई करनी पड़ी है।