इलाहाबाद। हाईकोर्ट ने मरहूम शराब कारोबारी पौंटी चड्ढा के मुरादाबाद स्थित पारिवारिक आवास पर वर्ष 2012 में पड़े आयकर के छापे को वैध करार दिया है। पौंटी के भाई हरभजन सिंह चड्ढा और अन्य ने याचिका दाखिल कर आयकर विभाग द्वारा की गई छापे की कार्रवाई को अवैध करार देने की मांग की थी। छापे में आयकर विभाग ने करोड़ों रुपये की नकदी, जेवरात आदि बरामद कर जब्त किए थे।
याचिका पर न्यायमूर्ति तरुण अग्रवाल और न्यायमूर्ति सतीश चंद्रा की खंडपीठ ने सुनवाई की। याची का कहना था कि उसका पूरा परिवार प्लाट संख्या 455 सिविल लाइंस मुरादाबाद पर बंगले के प्रथम तल पर रहता है। आयकर निदेशक दिल्ली द्वारा 31 दिसंबर 2012 को जारी वारंट के आधार पर आयकर विभाग ने छापा मारकर उनकी संपत्तियां जब्त कर ली। छापे की कार्रवाई को अवैध बताते हुए कहा गया कि आयकर विभाग का छापा पौंटी चड्ढा के लिए था मगर एक ही मकान में रहने के कारण विभाग ने उनकी संपत्तियां भी सीज कर दीं।
खंडपीठ ने याची के वकीलों और आयकर के अधिवक्ता की दलील को सुनने के बाद कहा कि आयकर विभाग का छापा अवैध करार नहीं दिया जा सकता क्योंकि यह छापा उनके मकान पर डाला गया था किसी व्यक्ति के यहां नहीं। दूसरे परिवार का बंटवारा नहीं हुआ है और सभी भाई तथा परिवार के एक साथ रहते हैं। उनका किचेन भी एक है। यह भी जाहिर है कि उनके व्यवसायिक संबंध हैं।