इलाहाबाद। रेड लाइट एरिया मीरगंज की सेक्स वर्कर्स के पुनर्वास की मांग को लेकर एसडीएम सदर ट्रेनी आईएएस हर्षिता माथुर को सोमवार को ज्ञापन सौंपने पहुंचे समाजसेवी सुनील चौधरी बदसलूकी और फोटो खींचने के आरोप में फंस गए। सुनील को मोबाइल से फोटो खींचता देख एसडीएम ने पुलिस बुला ली। कर्नलगंज थाने की पुलिस मौके पर पहुंची और सुनील को पीटते हुए थाने ले आई। शांति भंग की आशंका में चालान कर सुनील को नैनी जेल भेज दिया गया।
सुनील एसडीएम के पास दोपहर में 12 बजे के आसपास अकेले पहुंचे थे। मौके पर पहुंची पुलिस ने उनके मोबाइल की जांच की तो उसमें एसडीएम की फोटो मिली। जनहित संघर्ष समिति के प्रदेश अध्यक्ष प्रमिल केसरवानी और जिलाध्यक्ष प्रवीण गुप्ता ने गिरफ्तारी की निंदा की है। नेताओं का कहना है कि सुनील ज्ञापन सौंपते वक्त सेल्फी ले रहे थे। पुलिस उनको पकड़कर कर्नलगंज थाने ले आई तो वहां पर काफी संख्या में समिति के सदस्य पहुंच गए। आरोप लगाया कि पुलिस ने सुनील को पीटा और गालियां दीं।
लोग सुनील से मिलने की मांग कर रहे थे तो उनको खदेड़ दिया गया। बेली अस्पताल में मेडिकल कराने के बाद सुनील को जेल भेज दिया गया। समिति के सदस्यों ने प्रशासन और पुलिस के कदम को तानाशाहीपूर्ण करार दिया। एसओ कर्नलगंज विजय प्रताप सिंह ने बताया कि सुनील के खिलाफ सरकारी कार्य में बाधा डालने और एसडीएम के साथ बदसलूकी की धाराओं में मुकदमा दर्ज किया जाएगा। उन्होंने पिटाई के आरोपों से इंकार किया।
श्रद्धा शुक्ला, सबीहा मोहानी, रिनी यीशू, सुमन पाठक, अंजनी मिश्रा, हुमा कमाल, दिनेश विश्वकर्मा, प्रहलाद यादव, सत्येंद्र केसरवानी, लल्लू लाल, नाज खान, व्यापारी नेता विजय गुप्ता ने घटना की निंदा की है। उन्होंने कहा कि सुनील को रिहा नहीं किया गया तो आंदोलन किया जाएगा।