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सैनिकों के परिजन बोले, तुरंत हो जवाबी कार्रवाई, कहा- 56 इंच का सीना दिखाने का समय आ गया

Fri, 15 Feb 2019 02:40 PM IST
vivek shukla न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रयागराज
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Martyr family
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पुलवामा में सीआरपीएफ के 42 जवानों की शहादत से सैनिकों के परिजन बेहद नाराज हैं। वे चाहते हैं कि आतंकियों और उन्हें पनाह देने वालों के खिलाफ सरकार तुरंत जवाबी कार्रवाई करे। आतंकियों से न बात न ही कोई रियायत। 56 इंच का सीना दिखाने का सबसे माकूल समय आ गया है।

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सपा नेता विनय कुशवाहा का बेटा विक्की कुशवाहा आर्मी में कैप्टन है। वह इन दिनों झांसी के बबीना स्टेशन पर तैनात है। विनय घटना से बेहद आहत हैं। उनका कहना है कि आतंकियों ने सारी सीमा पार कर दी है। अब जनता सिर्फ कार्रवाई चाहती है। मोदी को कड़ी कार्रवाई करनी चाहिए। चुनावों से ठीक पहले हुई इस घटना पर किसी को राजनीति नहीं करना चाहिए। 

नवाबगंज के पंचदेवरा के रहने वाले जगन्नाथ त्रिपाठी के तीन बेटे रवि प्रकाश, जय प्रकाश और गणेश फौज में हैं। रवि की तैनाती जम्मू में है तो जय प्रकाश पूर्वोत्तर में तैनात हैं। गणेश की तैनाती भी जम्मू में है। जगन्नाथ ने जब से सैनिकों की इतनी बड़ी शहादत के बारे में सुना स्तब्ध रह गए। उन्हें लगा कि जैसे उनके परिवार के ही किसी शख्स के साथ घटना हुई है।
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उन्होंने साफ कहा कि अब किसी तरह की न राजनीति होनी चाहिए न ही बात होनी चाहिए। सिर्फ बदला चाहिए। एक सिर के बदल दस सिर की बात हुई थी। सरकार को उस बात पर अटल रहना चाहिए। एक एक सैनिक की शहादत का बदला चाहिए नहीं तो जनता सरकार को माफ नहीं करेगी।

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फिर हो सर्जिकल स्ट्राइक

सीआरपीएफ में तैनात लालापुर के चिंतापुर निवासी सुनील कुमार त्रिपाठी के पिता सुरेश कुमार त्रिपाठी का कहना है कि सरकार को उड़ी हमले की तरह सर्जिकल स्ट्राइक करनी चाहिए। बिना वेट एंड वाच के सीधे कार्रवाई नहीं होगी तो इसी तरह हमारा देश जवान खोते रहेंगे।

सेना में तैनात जयशंकर मिश्रा के परिजन नैनी में रहते हैं। उनका कहना है कि बिना सर्जिकल स्ट्राइक के दहशतगर्दों और खासतौर से पाकिस्तानी फिरकापरस्तों की आदत में सुधार नहीं होगा। सेना में हवलदार सुशील कुमार त्रिपाठी के पिता अनिल कुमार त्रिपाठी निवासी खरकौनी, नैनी ने बताया कि आज की घटना बेहद मर्माहत करने वाली है। इस पर कार्रवाई होनी ही चाहिए। सरकार को हमारे शहीद जवानों का बदला लेना होगा, नहीं तो हमने तो अपना बेटा खोया ही है, हमारे अन्य बेटों का मनोबल टूटेगा।
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