प्रयागराज। बिचौलियों के हावी होने से दाल के दाम एक बार फिर से बढ़ने शुरू हो गए हैं। पखवाड़े भर पहले अरहर दाल का रेट जहां थोक में 100 रुपये था, तो वहीं अब बढ़कर यह रेट 125 पर पहुंच गया है। फुटकर में इसका असर ज्यादा दिख रहा है। फुटकर बाजार में अरहर दाल का दाम 130 से 140 रुपये किलो हो गया है। आलू, प्याज, टमाटर के दाम पहले से ही चढ़े हुए हैं। ऐसे में दाल के बढ़ते दाम ने लोगों के घरों का बजट बिगाड़ दिया है।
बीते कुछ दिनों के दौरान डीजल-पैट्रोल की तर्ज पर अरहर दाल के दाम बढ़ रहे है। बाजार के जानकारों का कहना है कि ऐसा पहले कभी नहीं देखा गया कि जब थोक बाजार में हर रोज दाल के दाम बढ़े हो। पिछले एक सप्ताह की बात करें तो अरहर दाल के दाम में हर रोज तेजी आई है। एक अक्तूबर को थोक बाजार में दाल का दाम 105 रुपये किलो था, जो बुधवार को बढ़कर 125 रुपये किलो हो गया। शुरुआत में बताया गया कि महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश में बारिश की वजह से दाल की आवाजाही कम हो गई है लेकिन अब लगातार हो रही बढ़ोतरी को लेकर बाजार में बिचौलियों के हावी होने की बात कही जा रही है। पिछले वर्ष के मुकाबले मांग में कमी के बावजूद कीमत बढ़ने से काला बाजारी को इसका कारण माना जा रहा है।
अगस्त माह की शुरुआत में अरहर दाल का थोक रेट 80 रुपये किलो था, जबकि फुटकर में 90 रुपये किलो में दाल उपलब्ध थी। फुटकर व्यापारी प्रमिल केसरवानी ने कहा कि दाम ज्यादा बढ़ जाने की से उनके जैसे तमाम फुटकर कारोबारी अब थोक व्यापारियों से कम मात्रा में दाल खरीद रहे हैं। क्योंकि बिचौलियों ने अपने यहां दाल का बड़ा स्टॉक कर लिया है। इलाहाबाद गल्ला तिलहन व्यापार मंडल के अध्यक्ष सतीश केसरवानी बताते हैं कि अरहर दाल की कीमतें बीते कुछ दिनों में तेजी से बढ़ी है। मध्य प्रदेश एवं महाराष्ट्र से जो दाल आ रही है, उसके दाम भी बढ़े हैं। बिचौलियों ने मध्य प्रदेश, छतीसगढ़, महाराष्ट्र में जाकर काफी मात्रा में दाल का स्टॉक संग्रह कर लिया है। कहा कि अगर सरकार न चेती तो चार वर्ष वाले हालात बन सकते हैं। तब दाल थोक में 150 से 160 एवं फुटकर में 180 से 200 रुपये किलो तक बिकी थी।
गृहणियां बोली, सरकार जमाखोरों पर करें कार्रवाई
दाल एवं सब्जी की बढ़ती कीमत से रसोई का बजट बिगड़ने से हताश सिविल लाइंस की सौम्या मालवीय ने कहा कि पिछले माह के मुकाबले इस माह दाल का दाम ज्यादा बढ़ा हुआ है। सब्जियां पहले से ही महंगी। सरकार जमाखोरों पर सख्त कार्रवाई करें। सलोरी की प्रतिभा सिंह ने कहा कि टमाटर, आलू, प्याज के बिना भोजन की कल्पना नहीं की जा सकती। ऊपर से दाल के बढ़ते दाम ने परेशान कर दिया है। समझ में ही नहीं आ रहा है कि आखिर क्या खाया जाए।
चना, मूंग, उड़द दाल का भी बढ़ा दाम
अरहर के अलावा अन्य दालों के भी काम विगत कुछ दिनों में बढ़े हैं। चना का रेट थोक में 6800 रुपये हो गया है। मटर दाल 72 तो उड़द एवं मूंग का दाम भी थोक में 85 रुपये हो गया है। फुटकर में मूंग, उड़द 100-120 रुपये किलो तो चना दाल 75 से 80 में लोगों को मिल रही है।
| दाल |
मौजूदा भाव |
15 सितंबर का रेट फुटकर में |
| अरहर दाल |
130-140 |
85-90 |
| उड़द दाल |
100- 120 |
90-100 |
| मूंग दाल |
100- 120 |
90-100 |
| चना दाल |
55-60 |
70-85 |