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लोक सेवा आयोग सचिव, परीक्षा नियंत्रक से पूछताछ

Sat, 29 Sep 2018 02:08 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
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पीसीएस-17 की 19 जून को आयोजित परीक्षा में गलत प्रश्नपत्र बंट जाने के बाद हुए बवाल के मामले को लेकर शुक्रवार को उ.प्र. लोक सेवा आयोग के दो अफसरों से पुलिस ने पूछताछ की। एसपी क्राइम ने आयोग कार्यालय पहुंचकर सचिव व परीक्षा नियंत्रक से मामले के संबंध में जानकारी ली। बता दें कि छात्रनेता के प्रार्थनापत्र पर कोर्ट के आदेश पर मामले की जांच की जा रही है।
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पीसीएस 17 की मुख्य परीक्षाएं 18 जून से शुरू हुई थीं। 19 जून को हिंदी व निबंध परीक्षा के दौरान राजकीय इंटर कॉलेज केंद्र पर प्रथम पाली में द्वितीय पाली का प्रश्नपत्र बांट दिया गया था। आधे घंटे बाद ही यह पेपर व्हाट्सएप पर वायरल हो गया था, जिसके बाद आयोग को परीक्षा निरस्त करनी पड़ी थी। इसके बाद अभ्यर्थियों ने पूरी मुख्य परीक्षा निरस्त किए जाने की मांग को लेकर जमकर बवाल किया था। आयोग दफ्तर के बाहर छह घंटे चक्काजाम के साथ ही बस में आग भी लगा दी गई थी। इस मामले में छात्रनेता राणा यशवंत प्रताप सिंह की ओर से कोर्ट में 156(3) के तहत प्रार्थनापत्र देकर आयोग अध्यक्ष अनिरुद्ध यादव समेत अन्य के खिलाफ एफआईआर दर्ज किए जाने की मांग की गई थी। प्रार्थनापत्र में दिए गए तथ्यों के सत्यापन के लिए कोर्ट की ओर से एसएसपी को आदेशित करते हुए किसी वरिष्ठ पुलिस अधिकारी से जांच कराकर आख्या प्रस्तुत करने को कहा गया था। एसएसपी ने इस मामले की जांच एसपी क्राइम को सौंपी थी। इसी के तहत शुक्रवार को एसपी क्राइम मनोज कुमार अवस्थी ने आयोग कार्यालय पहुंचकर परीक्षा नियंत्रक अंजू कटियार व सचिव जगदीश से पूछताछ की। उनसे प्रार्थनापत्र में लगाए गए आरोपों के संबंध में जानकारी हासिल की गई।

कोर्ट के आदेश पर शुक्रवार को आयोग के दो अफसरों से पूछताछ की गई। सचिव व परीक्षा नियंत्रक से मामले के संबंध में जानकारी ली गई।
मनोज कुमार अवस्थी, एसपी क्राइम

छात्रनेता की ओर से कोर्ट में दिए गए प्रार्थनापत्र में आयोग अध्यक्ष के साथ ही अन्य पर गंभीर आरोप लगाए गए हैं। इसमें कहा गया है कि गलत प्रश्नपत्र बांटे जाने के बाद परीक्षार्थियों को संतोषजनक तरीके से समझाने के बजाय उकसाने वाली बातें कही गईं, जिससे विवाद उत्पन्न हुआ। परीक्षा का बहिष्कार कर छात्र सड़क पर उतर आए और जाम लगा दिया। यह भी आरोप लगाया कि इससे प्रतीत होता है कि आयोग अध्यक्ष, परीक्षा नियंत्रक व अन्य लोगों ने जानबूझकर साजिश के तहत ऐसा किया।
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